मिलावटी खाने की वस्तुओं की पहचान घर पर कैसे करें ?
चीनी को जांचने के लिए चीनी की एक-दो चम्मच पानी मेें डालें और कुछ देर बाद देखें कि पानी में नीचे यदि कुछ बैठा हुआ दिखे तो इसका मतलब यह है कि चीनी में मिलावट है और कुछ नहीं दिखे तो इसका मतलब है चीनी सही। चीनी में मिलावट करने के लिए चॉक पाऊडर व पत्थर के बारीक कण मिला दिए जाते हैं।

चाय की पत्ती को जांचने के लिए सफेद व गीले पेपर पर चाय पत्ती के कुछ दाने रखें और पेपर पर रगड़े। यदि पेपर पर रंग आ जाता है तो चाय की पत्ती में मिलावट है और यदि नहीं आता है तब चाय पत्ती सही है। चाय की पत्ती में रंग व काम में ली हुई चाय की पत्ती को सूखाकर मिलावट की जाती है।

सरसों के बीजों की शुद्धता जांचने के लिए सरसों के बीजों दबाकर देखेंगे तो पाएंगे की सरसों के बीजों को दबाने पर पीला पदार्थ निकलता है इसका मतलब है सरसों असली है और यदि सफेद पदार्थ निकले तब इसका मतलब है कि सरसों नकली है। सरसों में मिलावट के लिए अर्जेमोने के बीज मिलाए जाते हैं।

हरी मटर के दानों को जांचने के लिए इन्हें पानी में कुछ देर के लिए छोड़ दें। पानी का रंग यदि हरा हो जाए तो इसका मतलब है मटर में मिलावट और यदि पानी सफेद ही रहे तब मटर के दानें शुद्ध माने जा सकते हैं। मटर के दानों को मेलाकाइट ग्रीन कलर द्वारा हरा बनाया जाता है जोकि सेहत के लिए खतरनाक होता है।

शहद को जांचने के लिए पानी में एक-दो बूंदे डालें और देखे कि शहद तल पर यदि बैठ जाता है तो शुद्ध है और यदि पानी में घुल जाता है तो इसका मतलब है कि शहद में मिलावट है। दूसरा प्रयोग भी इस तरह कर सकते हैं कि एक सफेद कपड़े पर कुछ बूंदे शहद की डालें और थोड़ी देर बाद कपड़े को धोलें।

असली शहद से कपड़े पर निशान और चिकनाहट नहीं रहती है जबकि नकली होने पर चिकनाहट व निशान छोड़ देता है। लकड़ी के टुकड़े को शहद में डुबोकर जलाएं यदि लकड़ी पर लगा शहद जलने लगे तो इसका मतलब है कि शहद शुद्ध है। इस तरह मिलावटी खाने की वस्तुओं की पहचान घर पर की जा सकती है।
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