औषद्यीय पौद्यें कैंसर विकरणों का प्रभाव कम करें Medicinal plants reduce the effects of cancer pathologies

औषद्यीय पौद्यें कैंसर विकरणों का प्रभाव कम करें-कैसर रोगियों को कई प्रकार की थेरेपी में घातक विकिरणों के प्रभाव से गुजरना पड़ता है।

कैसर विकिरणों का प्रभाव कम करने और कैंसर रोगियों के जल्दी स्वस्थ होने में कई औषद्यिय पौद्ये अच्छे सहायक है।

हर्बल औषद्यीय पौद्यों के सेवन से कैंसर रोग जल्दी ठीक हो सकता है।

गामा किरणें शरीर में जल का आयनीकरण करके पेरॉक्साइड्स एवं मुक्त मूलक उत्पन्न कर देती है और यही प्रभाव उत्तकों और कोशिकाओं में ग्लाईकोजन, प्रोटीन, कोलेस्ट्राल, पाचक एंजाइम, डीएनए तथा आरएनए आदि में परिवर्तन कर देता है।

रेडियोथेरेपी के प्रभाव से कैंसर रोगी के बाल उड़ना, जी घबराना, मितली अथवा कै आना, शरीर की त्वचा का काला होना और अन्य शारीरिक और मानसिक व्याधियां व समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। यदि औषद्यीय पौद्यों के रस का सेवन कैंसर रोगी को रेडियोथेरेपी से पहले और बाद में नियमित दिया जाए तो रेडियोथेरेपी के दुष्प्रभाव कुछ ही दिनांे में समाप्त होने लगते है।

एक्सरे, औषद्यियों और गामा किरणों के प्रभाव से रोगी को सामान्य अवस्था में आने में कम से कम एक माह लग जाता है लेकिन हर्बल औषद्यिय पौद्यों का रस रोज पीने से एक-दो सप्ताह में ही रोगी सामान्य अवस्था में आने लगता है।

हर्बल औषद्यीय पौद्यों के प्रयोग से कैंसर के विकिरण का बुरा प्रभाव भी शीघ्र ही समाप्त हो जाता है।

औषद्यीय पौद्यें कैंसर विकरणों का प्रभाव कम करें, ग्वारपाठा (एलोविरा), तुलसी, मैथी, आंवला, हल्दी और सहजन आदि औषद्यीय पौद्यों के रस का सेवन विकरण का दुष्प्रभाव कम कर देता है।

हर्बल औषद्यीय पौद्यों का सेवन कैंसर जैसी घातक बीमारियों के साथ ही साथ डायबिटिज जैसी बीमारियों के साथ अन्य दूसरी बीमारियों को भी दूर करने में सहायक होते हैं।

कैंसर रोगी शारीरिक और मानसिक रूप से जल्द से जल्द स्वस्थ हो इसके लिए रोगी की संतुलित जीवन-शैली के साथ आहार-विहार, चिकित्सक द्वारा निर्देशित हल्के-फुल्के योग प्रणायाम और मेडीटेशन पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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