खुशहाल शादी का राज बड़ा आसान-लम्बी व खुशहाल शादी के लिए खट्टे-मीठे मजाक करना और सहना करना जरूर आना चाहिए।
साथी को एक दूसरे का आदर व सम्मान जरूर करना करें।

जब हमेशा ही आप परस्पर एक-दूसरे के विचारों से सहमत नहीं हो पाते है तब साथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करना करें।
आप कौन है? जैसे है इसे स्वीकारें और आपका जीवन साथी कौन है? इसे पहचानें।
आपस में नई रूचियां साझा की जानी चाहिए।
रचनात्मक कार्यों व नई चीजों को साथ-साथ करें।
जीवन के प्रति अच्छा रवैया और मौलिकता बनाए रखें।
शादी के बाद नौकरी छोड़ने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए जिससे कि आर्थिक सुरक्षा दांव पर नहीं लगें।
शादी के बाद स्वास्थ्य की अनदेखी उचित नहीं हैं। दावतें और घरेलू कार्यक्रमों में मसालेदार व्यंजन और मिठाईयों के लगातार सेवन से बचना चाहिए।
ससुराल में नए संबंधों को संवारने के लिए थोड़ा अधिक समय देना चाहिए।

मायके वालों से बात करने के लिए एक तय समय जरूर रखें लेकिन घंटों फोन से चिपके रहना और हर छोटी-बड़ी बातें बताने से बचा करें।
ससुराल और अपने जीवन साथी के रिश्तेदारों के स्वभाव के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बात करें। छोटे व बड़े सदस्यों का सम्मान करें जिससे पुनः सम्मान लौट कर आ पाता है।
धैर्य से सुनने की आदत डालें जिससे नए घर को संवारने में सुखद योगदान बना रहें।
सोशल मीडिया के आभासी संबंधों के जाल में उलझ कर रिश्तें खराब होने से बचाएं।
अपनी निजता के लिए सीमा रेखा तय करें।

जीवन साथी का दायित्व है कि वे एक दूसरें भी भावनाओं को समझे, नए संबंधों को मजबूती देने के लिए सोशल मीडिया को छोड़कर एक दूसरे के साथ आपस में समय गुजारें। मोबाईल को शाम ढलने के बाद साइलेंट मोड पर डाल देना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुनिया में खुद को व्यस्त नहीं करें।

घर की फाईनेन्सियल स्टेटस के हिसाब से अपना बजट बनाना सीख लेना चाहिए।
जीवन साथी से बात करके इमरजेंसी फंड बनाना जरूर बनाए जिससे कि थोड़ा-थोड़ा धन जोड़कर बड़ी राशि कभी इमरजेंसी में सरलता से मिल सकें।
खुशहाल शादी का राज बड़ा आसान-आर्थिक रूप से समझदारी भी रिश्तों को मजबूत और आनन्ददायक बनाती हैं।
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