लम्बाई कैसे बढ़ाए…आसान घरेलू उपाय
आयु व लिंग के अनुपात में यदि लम्बाई सीमा से कम दिखती है तो प्रथमतः आनुवांशिकता या पोषण में कहीं न कहीं कमी दृष्टिगत होती है। संतुलित पोषण बाहरी या आंतरिक पूर्ति में बाधित हो सकता है जिससे हीनभावना व अवसाद का प्रभाव व्यक्तित्व में झलकने लगता है। ऐसे दृष्टिकोण से बचना चाहिए।

बचपन से ही अर्थात् शिशु अवस्था से ही बच्चे के लिए संतुलित आहार योजना बनाएं।
व्यवस्थित पोषक तत्त्व आहार में शामिल किए जाए।
थायराईड ग्रन्थि द्वारा स्रावित हार्मोन्स शरीर के विकास पर प्रभाव डालते हैं।
प्रभावी अनुभूत उपचार
बच्चों को खुले मैदान में खेलने से रोके नहीं। फुटबॉल, बॉस्केटबॉल, बॉलीबॉल, बैडमिंटन, साईक्लिंग व तैराकी आदि करने दें।
योगासन में ताड़ासन, पश्चिमोत्तासन, हस्तपादासन, चक्रासन, सर्वांगाासन व सूर्य नमस्कार भी लम्बाई बढ़ाने में सहायक है।
सोयाबीन व जौ मिश्रित आटे की रोटी लम्बाई बढ़ाने में सहायक है।
अश्वगंधा पाऊडर रात्रि सोते समय एक ग्लास गर्म दूध के साथ बच्चें को पिलाएं
(8 वर्ष तक की आयु के लिए आधा चम्मच तथा इससे अधिक के लिए एक चम्मच)।
वंश लोचन पाऊडर व एक छोटा टुकड़ा गुड़ गर्म दूध के साथ सांयकालीन भोजन के 3 घंटे बाद बच्चों को पिलाएं (8 वर्ष तक की आयु के लिए आधा चम्मच तथा इससे अधिक के लिए एक चम्मच)।
शालू को हल्का भून कर पाऊडर बनाएं। रात्रि सोते समय एक चम्मच गर्म दूध के साथ कुछ महीने लेने पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगते है।
बचपन से ही बच्चें को भी मालिश की आदत डाल दें। विधिवत् नियमित मालिश से रक्तसंचार व कोशिकाएं पुष्ट होती है।
आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ आहार में अधिक शामिल करें।
पोषक तत्त्व
शतावर, गाजर, टमाटर, पालक, आलू, मटर, सलाद, प्याज, केला, स्ट्राबेरी, समुद्री आहार, अंडा जर्दी, दूध पनीर, सिंघाड़ा, शलगम, चुकंदर, अलसी, कमकककड़ी,
व कॉड लीवर तेल में भी अधिक आयोडीन पाया जाता है।
नहीं करें
बंद गोभी, मूली, भिंडी, मूंगफली, व तिलहन आदि को पका कर ही खाना चाहिए क्योंकि इनमें ऐसे कुछ पदार्थ स्थित होते है जोकि शरीर में थाईरॉक्सिन के उपयोग की क्षमता में रूकावट डालते हैं इनको अच्छी तरह पकाने पर रूकावट वाले पदार्थ पूरी तरह नष्ट हो जाते है इसलिए इन्हें कच्चा खाने से बचना चाहिए।
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