व्यस्कों के लिए कौन-कौन से टीके है-व्यस्कों को भी कई बीमारियों से बचाव के लिए डॉक्टर के दिशा-निर्देश में टीके लगवाया जाना स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा है।

एमएमआर का टीका यदि बचपन में नहीं लग पाया है तो व्यस्क होने पर एक खुराक ली जा सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता होने पर चिकित्सक के निर्देश में 4-8 सप्ताह के भीतर दो बार लगवाया जा सकता है। एमएमआर अर्थात् मीजल्स, मम्स एंड रूबेला होता है दूसरे शब्दों में यह खसरा, गलगण्ड और जर्मन खसरा है।
टीसीवी टायफॉइड का टीका है। इस टीके का प्रभाव सात वर्ष तक रहता है।
यह टायफाईड बुखार से बचाता है। यह टीका इंजेक्शन तथा मुँह द्वारा लिया जा सकता है। मुँह द्वारा यह खुराब एक दिन के अंतराल पर चार खुराक ली जाती है तथा इंजेक्शन द्वारा टीका चार सप्ताह के अंतराल पर तीन बार लगाया जाता है।

न्यूमोकॉकल वैक्सीन फेफड़े व निमोनिया संबंधी बीमारियों से बचाव करता है। चिकित्सक के निर्देश में 65 वर्ष से कम आयु के व्यस्कों को एक-दो खुराक दी जा सकती है तथा इससे अधिक आयु के लोगों को एक खुराक देने की जरूरत होती है।
हिव वैक्सीन एच.आई.वी. से बचाव करती है। यह हिमोफिलियस इन्फ्लूएंजा टाइप बी वैक्सीन है। इसकी एक खुराक किसी भी उम्र में ली जा सकती है किंतु जिन्हें एच. आई. वी. संक्रमण है उन्हें यह टीका नहीं लगवाना चाहिए।

एच. पी. वी. वैक्सीन जिसे ह्मूमन पैपिलोमा वायरस कहा जाता है। यह टीका स्त्रियों में सरवाइकल तथा पुरूषों में गले के कैंसर से बचाव के लिए लगाया जाता है। यदि यह टीका बच्चों को 9 वर्ष की उम्र तक नहीं लग पाया है तब यह टीका 26 वर्ष की आयु में चिकित्सक के निर्देश में लगवाया जा सकता है।
अभी वर्तमान में कोविड – 19 महामारी के संक्रमण और प्रसार को रोकने के लिए चिकित्सक की सलाह अनुसार समय सीमा में वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

टीका लगवाने से पहले जान लें-
जानिए व्यस्कों के लिए कौन-कौन से टीके है, बिना डॉक्टर की सलाह के टीके नहीं लगवाए जाने चाहिए। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को टीका लगवाने से पहले चिकित्सक से सलाह लेनी चािहए।
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