नव युवाओं के लिए पौष्टिक और शक्तिवर्द्धक घरेलू उपाय
नव युवाओं के लिए पौष्टिक और शक्तिवर्द्धक गुणकारी नुस्खा घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। सर्दियों के मौसम में हर दिन इसका सेवन करने से शरीर साल भर पुष्ट और सशक्त बना रहता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है और रोगों के आक्रमण से भी बचे रह सकते हैं। इस योग को घर पर ही शुद्धता और विधिवत् तैयार करके किशोरों और नव युवाओं के साथ घर के अन्य सदस्य भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।

सामग्री–
उड़द की दाल पाव भर, देशी घी पाव भर, देशी चीनी पाव भर, बादाम 30 ग्राम, पिस्ता, सौंठ, असगंध नागोरी, चिरोंजी व गोंद प्रत्येक 15 ग्राम तथा तेजपात, चित्रक छाल, जायफल, पीपल और बाल छड़ आदि प्रत्येक 3-3 ग्राम लें।
निर्माण विधि–
असगंध नागोरी, तेजपात, चित्रक छाल, पीपल और बालछड़ को अच्छी तरह कूट पीस कर बारीक पाऊडर बना लें। उड़द की दाल को पीस कर मोटा आटा तैयार करके धीमी–धीमी आंच पर हल्का गुलाबी होने तक भून लें।
अब कढ़ाई में घी डालकर गर्म करें और गोंद को घी में तले और जब गोंद अच्छी तरह फूल जाएं तब कढ़ाई से निकाल लें।
घी में तले गोंद को ठण्डा होने के बाद पीस लें और उड़द के आटे में मिला लें।

चीनी की दो तार की चाशनी बनाकर मिश्रित आटा और गोंद तथा बारीक पीसी हुई सभी जड़ी बूटियां डालकर अच्छी तरह बार–बार हिला–हिला कर मिश्रण को एकसार कर लें।
थाली पर चिकनाई लगाकर मिश्रण को फैला लें और जमने पर बर्फी के आकार की काट लें या छोटे–छोटे लड्डू बना कर रख लें।
सुबह नाश्ते में और रात्रि सोने से पहले एक लड्डू खूब चबा-चबा कर खाना चाहिए और ऊपर से गुनगुना दूध पी लेना चाहिए।
अनुभूत एवं गुणकारी प्रयोग किशोरों और नव युवाओं के लिए पौष्टिक और शक्तिवर्द्धक पोष्टिक भोजन के रूप में सर्दियों में अवश्य करना चाहिए।
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