स्तन कैंसर डरें नहीं इलाज संभव है Don’t be afraid of breast cancer, treatment is possible

स्तन कैंसर डरें नहीं इलाज संभव है

स्तन कैंसर को नाम लेते ही लोगों के दिल और दिमाग में भय और भ्रम छा जाता है। रोगी और परिवार के सदस्यों में मायूसी सी छा जाती है, सबको लगता है कि स्तन कैंसर से महिला की खूबसूरती कम हो जाती है, ष्शारीरिक क्षमताएं कम हो जाती है या जिंदगी नारकीय हो जाती है।

चिकित्सक कहते है ऐसा कुछ भी नहीं है स्तन कैंसर भी आम कैंसर जैसा ही है जिसका पूरी तरह इलाज संभव है। स्तन कैंसर का कारण आनुवांशिक या कुछ खास जीनों में परिवर्तन भी हो सकता है। रोग ग्रस्त होने पर महिला रोगी को हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि पूर्ववत् आनन्दित और खुशहाल जिंदगी जीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गांवों में जीवन यापन करने वाली महिलाओं की तुलना में शहरों में रहने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर की समस्या अधिक उभर कर आती है।

स्तन कैंसर के सही इलाज एवं इससे होने वाली मौत से बचने का सबसे सही उपाय यह है कि प्रथमतः महिलाएं स्वयं की सेहत का ध्यान रखें और इस बीमारी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी रखें क्योंकि किसी भी महिला को स्तन कैंसर का खतरा बना रह सकता है। इसके लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है। पुरूषों की तुलना में महिलाओं में 100 गुना खतरा अधिक पाया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसका खतरा भी बढ़ जाता है। पुरूषों में पाए जाने वाले ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण पूरी तरह स्पष्ट नहीं होते इसलिए छोटी सी परेशानी या समस्या होते ही तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क कर ही लेना चाहिए। पुरूषों में भी यह रोग किसी भी उम्र में प्रकट हो सकता है।

डक्टल कार्सिनोमा, इनवेसिव, लोब्यूलर कार्सिनोमा, इंफ्लेमेंटरी ब्रेस्ट कैंसर व पैजेट्स डिजीज आदि के रूप में कैंसर प्रकट होता है।
सामान्यतः ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख लक्षणों मंे गांठ होना, गांठ में कभी दर्द होना या नहीं होना है। ष्शरमाएं नहीं बल्कि समस्या दिखते ही समय पर डॉक्टर से खुलकर बात करें और समय पर इलाज लें। ष्शुरूआती लक्षणों में…..

स्तन कैंसर होने का खतरा उन महिलाओं में दुगुना होता है जिनके परिवार के सदस्य जैसे माता-पिता, बहन या बेटी या करीबी रक्त संबंधी रिश्ते में किसी का इस बीमारी से ग्रस्त हो या हुए हो। भारतीय परिप्रेक्ष्य में 25 महिलाओं में से 1-2 महिलाओं में स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना रहती है।

स्तन कैंसर डरें नहीं इलाज संभव है, गेहूँ ज्वारे का रस व दो कच्चा लहसुन खाने से फेफड़ों, खून व स्तन कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा 50 प्रतिशत कम तक हो सकता है। सिगरेट पीने वालों के भी कच्चा लहसुन खाने से कैंसर की संभावना 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

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