फील गुड हार्मोन क्या है और क्यों जरूरी है?
खुशी व आनन्द के क्षणों में हमारे शरीर में सेरोटोनिन और एंड्रर्फिन जैसे गुड हार्मोन्स का प्रवाह बढ़ जाता है।
फील गुड हामोग्न्स के कारण यह हमें सकारात्मक बनाए रखता है जिससे हम सकारात्मक सोच रखते है और त्वचा ज्यादा तरोताजा और ग्लाईंग भी दिखाई देती है।

यदि खुश व आनन्दित रहना चाहते है तो हमेशा कोशिश करिएं कि खुश रहने और सकारात्मक लोागों के साथ ही अपना अधिक समय बिताया जाएं जिससे हमारा मूड और व्यवहार भी पॉजिटिव बना रह सकें।
बुरे वक्त व उदासी के समय यदि कोई खुशमिजाज दोस्त कुछ समय बैठकर बातचीत करता है तब उदासी 20 से 25 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

सकारात्मक व्यवहार व नजरियां रखने वालों में जटिल व गंभीर रोगों का खतरा भी कम होता है।
अपने ऑड टाईम में भी खुश रहने वाले लोगों की अधिकतम तकलीफें तो वैसे ही गायब हो जाती है।
खूबसूरत दिखने, दिल व दिमाग से स्वस्थ रहने और जिंदगी में कामयाबी के लिए सकारात्मकता बहुत जरूरी हिस्सा है।
बुरे से बुरे समय में भी सकारात्मक सोच रखने से समस्याओं के समाधान भी स्वतः ही मिल जाते हैं।
महिलाएं हो या पुरूष सकारात्मकता दोनों की जिंदगी में केरियर और रिश्तों में संतुलन बनाएं रखने के लिए बहुत जरूरी है।
सकारात्मक सोच रखने से उदासी व निराशा से देने वाले डोपामीन का स्राव नहीं के बराबर हो पाता है।

इसलिए फील गुड हार्मोन क्या हैं? यह जानकर हमें हमेशा इनके लाभों कों जानते हुए सकारात्मकता का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
गुस्सा आने या चिड़चिड़ापन हाने पर सीधा संवाद खुद से करें कि यहाँ गुस्सा आवश्यक है या नहीं या शांत रहने का कोई ओर रास्ता है? जिससे गुस्सा आ ही नहीं सकें। यह छोटा सा संवाद बहुत कुछ बदल देता है बस एक बार प्रयोग करके देख लेने वाली बात है फिर आनन्द ही आनन्द बरसता दिखाई देगा।
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