आजकल सब चलता है! ध्यान रहें ऐसा बिल्कुल नहीं करें-
वैज्ञानिकों तथा मेडीकल साईन्स भी यह मानने लगी है कि दक्षिण की तरफ पैर करके नहीं सोना चाहिए। दक्षिण की तरफ पैर रख कर सोने से दिल और दिमाग पर दबाव पड़ता है क्योंकि पृथ्वी पर प्रवाहित तरंगों के प्रभाव से इस दिशा में सोना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

यदि स्वस्थ रहना है तो सुबह उठना, शौचादि, नहाना, भोजन और रात्रि को सोना इन पाँच कार्यों के लिए गलती नहीं करें। इन सभी कार्यों को समय पर ही करना करें और कभी भी विलम्ब अथवा आलस्य नहीं करें।
आजकल ऐसा ही चलता है या सब चलता है की भावना के चलते कभी भी असंतुलित आहार का सेवन नहीं करें क्योंकि शरीर की प्रकृति, विकास और वृद्धि जिन तत्त्वों पर आधारित है वह तो शरीर को देना ही होगा नहीं तो शरीर को जर्जर, दुर्बल और रोग ग्रस्त होने में देर ही नहीं लगेगी। ठूंस-ठूंस कर अधिक या बिल्कुल निम्नतम भोजन लेना दोनों ही स्थिति कुपोषण की स्थिति पैदा कर देती है।

भोजन करते समय और रात्रि सोते समय दोनों ही स्थिति में मन अथवा चित्त एकाग्र रखें। इस समय ऐसे किसी भी काम की चिंता व्यर्थ है क्योंकि जो सोच रहे हैं वह कार्य इसी समय के दौरान जबकि भोजन कर रहे हैं या सो रहे हैं, वो पूरा तो होने वाला नहीं हैं इसलिए अनावश्यक रूप से निरर्थक, अर्नगल, आवश्यक या अनावश्यक आदि बातों को भोजन व सोते समय पास नहीं रखें जिससे शरीर के सभी तंत्रों को अपना कार्य करने में आसानी रहें।

आँखें, चेहरा और जननांग गर्म पानी से कभी नहीं धोएं क्योंकि ऐसा करना बहुत हानिकारक होता है। कुछ परिस्थिति को छोड़ कर गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए। गर्म पानी से नहाना अच्छे स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल नहीं है। इन सब कार्यों के लिए ताजा, ठण्डा या समताप पानी का ही प्रयोग करें।

किसी भी कार्य को करने या बोलने में शीघ्रता नहीं करनी चाहिए। विचार करने में बाद बोलना श्रेष्ठ है और बोलने के बाद सोचना मूर्खता का कारण बनता है।

रात्रि सोने से पहले गुनगुना या गर्म दूध पीएं। दांतों को साफ किए बिना रात्रि में सोए नहीं। रात को सोने के लिए बिस्तर पर जाते समय मल या मूत्र के आवेग को रोके नहीं। पैरों को ठण्डे पानी से धोकर व पौंछ कर बिस्तर पर जाएं और ईश्वर को आज के खूबसूरत दिन व क्रियाओं के लिए धन्यवाद देना नहीं भूलें।
आजकल सब चलता है ऐसे विचार छोड़ दें।
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