दालों और मसालों की शुद्धता ऐसे पहचाने-
आईएसआई और एगमार्क देख कर ही खाद्य सामग्री खरीदी जानी चाहिए। खुली चीजों को कभी नहीं खाना चाहिए।
मसाले और दालें जीवन का अभिन्न अंग है सामान्यतः इन्हें परखने और जाँचने की आवश्यकता ही नहीं समझते है। हमेशा बिना पॉलिश की हुई दाल खरीदी जानी चाहिए। दाल की जांच करने के लिए दाल को कुछ मिनट गुनगुने पानी में दाल को डालकर देखना चाहिए। गुनगुने पानी में दाल रंग छोड़ दे तो इसका मतलब है दाल पर रंग चढ़ाया हुआ है।

लालमिर्च को जांचने के लिए कुछ मात्रा में लालमिर्च पानी में डालें और देखे कि यदि लालमिर्च पानी में तैर रही है तो ष्शुद्ध है और यदि पानी के नीचे लालमिर्च बैठ जाए तो यह अशुद्ध मानी जानी चाहिए। लालमिर्च में ईंट का बारीक पिसा चूर्ण और रंग मिलाया जाता है।
दालचीनी को जांचने के लिए इसके पाऊडर को हाथ पर रगड़े और देखे कि यदि हाथ पर इसका रंग दिखे तो यह असली है अन्यथा नकली माना जाएं क्योंकि दालचीनी पाऊडर में अमरूद की छाल मिला दी जाती है।

कालीमिर्च को जांचने के लिए कुछ कालीमिर्च पानी में डालें और देखे ंकि यदि कालीमिर्च पानी में डूब जाए तो असली है और यदि पानी में तैरने लगे तो इसका मतलब यह है कि कालीमिर्च नकली है। कालीमिर्च में पपीते के बीजों को काले रंग से रंगकर मिलावट कर दी जाती है।
हल्दी को जांचने के लिए हल्दी पाऊडर में कुछ बूंदे हाईड्रोक्लोरिक एसिड और पानी की डालें और देखें कि यदि हल्दी का रंग गुलाबी या बैंगनी हो जाए तो हल्दी नकली है और यदि पीला रंग ही दिखे तब हल्दी असली मानी जाए। हल्दी में मिलावट के लिए कैंसर जन्य मेटानिल येलो रसायन मिलाया जाता है।

धनिया पाऊडर को जांचने के लिए पानी में कुछ मात्रा में धनिया पाऊडर डालें और देखें कि यदि धनिया पानी के नीचे बैठजाता है तबवह ष्शुद्ध है और यदि तैरता दिखाई दे तो समझे इसमें मिलावट है। धनिया पाऊडर में गोबर को सूखा कर मिला दिया जाता है और इसमें बदबू भी आने लगती है। दालों और मसालों की शुद्धतापहचानने के लिए सतर्क रहें।
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