सुबह बिस्तर जल्दी छोड़े leave the bed early in the morning

सुबह बिस्तर जल्दी छोड़े

जागने का समय सूर्योदय से पूर्व तय करें। सूर्योदय से डेढ़-दो घंटे पूर्व बिस्तर छोड़ देने का नियमित अभ्यास और प्रयास हो। अपने सुंदर जीवन के लिए ईश्वर को धन्यवाद प्रकट करें और स्वयं को ईश्वर के लिए सदैव अर्पण रखें। हर एक कार्य में ईश्वर है आत्मविश्वास है। वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणित है कि ब्रम्हमुहुर्त में जागना नवीनतम आनन्द तथा ऊर्जा का निर्माण करता है। सूर्योदय से पहले उठिए और अपने स्वास्थ्य का स्तर खुद जाँचिए।

आध्यात्मिक एवं ज्ञानवर्धक चर्चा से अधिक बीमारियों से कैसे लड़ा जा रहा है इसकी चर्चा वर्तमान में अधिक हो रही है। इसे रोकिए! शारीरिक तथा मानसिक विकारों का सबसे बड़ा कारण है सूर्य दर्शन के बाद नींद से जागकर उठना।

स्वास्थ्य हानि के आज जितने भी कारण है उनमें सबसे खास कारण है कि सोने और जागने के नियम का व्यक्तिक्रम पूरी तरह बिगड़ चुका है।

जगत भर का ज्ञान प्राप्त करते है किन्तु देर से उठने और सोने से जो हानियाँ है उनका तार्किक विचार आधुनिक कहे जाने वाले सुशिक्षित और पढ़े-लिखे लोग कभी नहीं करते। वे ही समय की गति तथा उसके महत्त्व का अधिक दुरूपयोग करते पाए जा रहे हैं।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए बचपन से ही इस अनुशासन का पालन तथा इसके अच्छे प्रभाव का अनुभव कर लिया जाना आवश्यक है। सूर्योदय से एक-डेढ़ घंटे पूर्व जागने से रक्त, ओजस्विता, तेजस्विता एवं स्वास्थ्य आदि में वृद्धि होती है।

सुबह 4-5 बजे उठने का समय उत्तम है इसके लिए रात्रि में 9-10 बजे तक अवश्य सो जाना चाहिए।

सुबह बिस्तर जल्दी छोड़े, रात्रि में अधिक देर से सोने पर जैविक घड़ी गड़बड़ा जाती है क्योंकि नींद पूरी न होने पर प्रातः जल्दी उठना सम्भव नहीं और यदि उठ भी जाए तो दोनों ही स्थिति स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं इससे अनेक शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक तथा व्यवहारिक विकार प्रकट होने लगते हैं।

यदि स्वस्थ एवं दीर्घायु की आशा रखते है तो प्रतिज्ञा पूर्वक समय पर शयन तथा भोर में शय्या का त्याग करें, और अपने कार्यों में प्रवृत्त हो। अभ्यास करें… प्रयोग करे… जरूर सम्भव होगा।

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