साधारण बुखार के कारण और उपचार जानिए- बुखार होने पर दो-तीन दिन में ही शरीर शिथिल और कमजोर हो जाता है। बुखार कई तरह के हो सकते हैं जिन्हें कई नामों से पुकारा जाता है। आयुर्वेद के मतानुसार 8 प्रकार के बुखार की व्याख्या की गई है। इस ब्लॉग में सामान्यतः प्रचलित बुखार के लक्षण, कारण और उपचार प्रस्तुत किए जा रहे हैं-

सामान्यतः स्वस्थ शरीर का तापमान सामान्य डिग्री से बढ़ जाने को बुखार कहा जाता है। बुखार जिसे ज्वर भी कहते है। बुखार होने की स्थिति में शरीर का गरम होना, सिर में भारीपन व दर्द का अनुभव होना, आंखों में जलन होना, शरीर में शिथिलता व कमजोरी आना, शरीर टूट जाता है, चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है, मुंह का स्वाद व हाजमा बिगड़ जाता है, भोजन के प्रति अरूचि होना, पूरा बदन दर्द होना, बैचेनी और मन में घबराहट होना आदि सामान्य प्रारम्भिक लक्षण प्रकट होते हैं।

साधारण बुखार क्या है-
साधारण बुखार दो-तीन दिन में अपने आप बिना दवा के भी उतर जाता है। साधारण बुखार शरीर में इकट्ठे हुए दूषित पदार्थों को नष्ट करने के लिए प्रकृति द्वारा प्रयास किया जाता है जिससे शरीर स्वयं रोग मुक्त हो सकें।
साधारण बुखार के लक्षण-
भोजन के प्रति अरूचि होने लगती है।
रूक-रूक कर हल्की ठंड लगने का आभास होता है।
पाचन क्रिया खराब होना और अपच तथा अर्जीण हो जाने के कारण शरीर गर्म होना अर्थात् 99 या 100 डिग्री तक बुखार होना साधारण बुखार की श्रेणी में आता है।
साधारण बुखार के कारण-
बरसात के पानी में अधिक देर तक भीगे रहना।
क्षमता से अधिक शारीरिक व मानसिक श्रम करना तथा तनाव और दबाव होना।
जलवायु परिवर्तन का असर होना।
संक्रमित मच्छर द्वारा काटना।
देर रात तक जागने की आदत होना।
समय पर भोजन नहीं करके जब चाहा व जैसा चाहा भोजन करना।
अकस्मात चोट लग जाना।
गरिष्ठ व ठूंस-ठूंस कर भोजन करने से उत्पन्न अजीर्ण व कब्ज हो जाना।
साधारण बुखार के उपचार-
साधारण ज्वर की स्थिति में सबसे पहले पाचन तंत्र को ठीक करने का प्रयास करें। पाचन-तंत्र ठीक होने के बाद भारी अन्नाहार नहीं लेकर सुपाच्य आहार जैसे विटामीन सी युक्त फल व फलों का रस, नीबू व मौसमी का रस, नारीयल पानी, दूध, ठण्डा पानी के बजाए उबाल कर ठंडा किया हुआ पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने तथा समुचित विश्राम एवं परहेज से ही कुछ ही दिन में साधारण बुखार ठीक हो जाता है।

10-15 तुलसी पत्तियां, 6-7 कालीमिर्च, अदरक का टुकड़ा, एक चम्मच और चुटकी भर दालचीनी को एक ग्लास पानी में अच्छी तरह उबाल कर रख लें। ठण्डा होने पर आधी-आधी मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से बुखार उतर जाता है।
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