जल क्या है? जल के कार्य और इसका महत्त्व What is water? Functions of water and its importance

जल क्या है? जल के कार्य और इसका महत्त्व –

ऑक्सीजन का एक परमाणु व हाईडोजन के दो परमाणु से जल बनता है। जल में सोडियम तथा पोटेशियम आदि खनिज लवण भी होते है। जल पोषक तत्त्व तो है ही इसे भोजन का दर्जा भी दिया जाता है।

जोड़ो के बीच पाए जाने वाले द्रव्य में अधिकांश भाग जल होता है जो जोड़ों के संचालन में सहायक होता है।

शरीर के कुल भार का लगभग 60 प्रतिशत भाग जल होता है। सभी उत्तकों व कोशिकाओं में जल अलग अलग मात्रा में पाया जाता है। लार, पाचक रस, रक्त, मूत्र, पसीना व मलादि को तरलता प्रदान करने के साथ ही साथ शरीर के तापमान नियंत्रण भी करता है। शरीर की उर्जा को शरीर में वितरित करता है। शरीर से जल की मात्रा वाष्पित होने से शरीर ठंडा रहता है। व्यर्थ पदार्थ शरीर से निकालने में मदद करता है।

पीने वाले पानी, पेय पदार्थों, खाद्य पदार्थों व कार्बोज, वसा व प्रोटीन के चयापचय की अभिक्रियाओं से शरीर को जल प्राप्त होता है।

गुर्दों से मूत्र के रूप में, त्वचा द्वारा पसीने के रूप में, पाचन तंत्र से लार व मल के रूप मंें, फेफड़ों द्वारा निकाली गई हवा में भी जल का अंश होता है। अदृश्य रूप से जल का निष्कासन शरीर से होता रहता है इसीलिए शरीर में जल का संतुलन बनाए रखना जरूरी है इसके लिए र्प्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए।

जल क्या है- जैसा है वैसा ही शरीर में अवशोषित हो जाता है। भोजन की गति को नियंत्रित करता है। विभिन्न पदार्थ इसमें घुल जाते हैं तथा शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाए जाते हैं। यह बात अच्छी तरह से जान लें कि पानी चाहे ठण्डा पीजिए या गर्म पीजिए, शरीर अपने तापमान के अनुसार अनुकूल बनाने के लिए दोनों ही स्थिति में अतिरिक्त कैलोरी ऊर्जा खर्च कर देता है।

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