भैंस का दूध पीना भी सेहत के लिए गुणकारी होता है। दूध में पोषक तत्त्वों की प्रचुर मात्रा होने के कारण इसे एक सम्पूर्ण पोषक आहार माना गया है।

सुबह छाछ और रात में दूध पीना अच्छा है।
दूध में पोषक तत्त्वों की प्रचुर मात्रा होने के कारण इसे एक सम्पूर्ण पोषक आहार माना गया है।
गाय व भैंस दोनों का दूध पोषक तत्त्वों से भरपूर पाया जाता है। गाय व भैंस दोनों के दूध की सुपाच्यता व पोषक तत्त्वों में अंतर पाया जाता है।
डेयरी प्रोडक्टस् के लिए इसका दूध अधिक काम में लिया जाता है।

इसका दूध पाचन में कुछ कठिन होता है क्योंकि यह गाय की अपेक्षा अधिक भारी होता है और वजन बढ़ाने में सहायक है।
दूध प्रोटीन का अच्छा स्रोत है साथ ही सरलता से पचने वाला आहार है। दूध मानसिक विकास के लिए भी बहुत अच्छा है।
दूध का नियमित सेवन करने से दांत, हड्डियां व मांसपेशियां मजबूत रहती है।
त्वचा का निखार व सौन्दर्य बढ़ाने में दूध अच्छा माध्यम है।
दूध की मात्रा पाचन शक्ति व बीमारी पर निर्भर होती है।
रात में दूध और सुबह मक्खन खाना व छाछ पीना सबसे उत्तम माना गया है।
बच्चों व बुजुर्गों को दूध की अधिक आवश्यकता होती है।
दूध में 18 प्रतिशत प्रोटीन होता है। कैल्शियम 27 प्रतिशत होता है। विटामिन ए 7 प्रतिशत होता है।
मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस व सोडियम की मात्रा गाय के दूध की अपेक्षा अधिक होती है।

दूध में फेट प्रतिशत होता है। कार्बोहाईड्रेट 13 ग्राम होता है। कोलेस्ट्राल की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसका घी कफ कारक होता है। दूध के फायदे भी है, 100 मिली दूध में 110 कैलोरी पाई जाती है। इससे बनी खाद्य सामग्री अधिक दिन तक स्टोर की जा सकती है।

भैंस के दूध में सोडियम 127 मिग्रा तक पाया जाता है। दूध में 2 प्रतिशत आयरन उपलब्ध होता है। 80-85 प्रतिशत पानी का अंश पाया जाता है और दूध को गाढ़ा बनाने वाले पदार्थ अधिक होते है। यह पचाने में आसान नहीं होता है।
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