फटी एड़िया और पैरों की देखभाल करने के लिए क्या करें? What to do to take care of torn heel and feet?

फटी एड़िया और पैरों की देखभाल करने के लिए क्या करें-

शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक थकावट महसूस होने पर गुनगुने पानी में दो मिनट पैर डुबोएं इसके बाद तीन मिनट ठण्डे पानी में पैर डुबोएं। अधिक गर्म पानी में पैर नहीं धोने चाहिए क्योंकि अधिक गर्म पानी से पैर धोने पर त्वचा का प्राकृतिक तेल सूख जाता है और त्वचा रूखी और सूखी हो जाती है।

फटी एड़िया और पैरों की देखभाल करने के लिए पैरों में मैला जमा नहीं होने दें रोज ब्रश व झावा से साफ करें। यदि मैल जम भी गया है तो साबुन का घोल गुनगुने गर्म पानी में डालें और 15-20 मिनट पैर इस साबुन के पानी में डुबों कर रखें फिर साफ पानी से धो लें और कपड़े से पौछ कर व्हाईट पेट्रोलियम जैली अर्थात वेसलीन लगा लें।

पैरो की एड़िया बहुत कटी-फटी व कठोर हो गई हो तो झावा या ब्रश से रोज अच्छी तरह रगड़े और रात को सोते समय वेसलीन में नीबू मिलाकर मलें और सूती मोजे पहन लें। सुबह नहाते समय अच्छी तरह एड़ियों को ब्रश या प्यूमिक स्टोन आदि से साफ करें। कुछ ही दिनों में एड़िया चिकनी और सौम्य हो जाएगी।

नाखुनों को काटने के लिए नेल कटर ही प्रयोग में लाया जाए चाकू या ब्लेट का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।

पैरों के पंजों व अंगुलियों के जोड़ों पर निरंतर दबाव के कारण दानें या गाठें निकल आती है जिन्हें काटना या छिलना नहीं चाहिए।

अधिक देर तक खड़े रहने पर पैरों में सूजन आ जाती है। ऐसी स्थिति में पैरों में रक्त संचार समुचित करने के लिए किसी स्थान या कुर्सी आदि पर ऐसे बैठे कि पैर नितंब के समानान्तर कुछ ऊँचाई पर रहें। रात को विश्राम करते समय या लेटते समय कुछ देर पैरों को सिर की तुलना में थोड़ा ऊँचाई पर स्थित रख कर सोएं।

मासिक धर्म प्रारम्भ होने से पहले तरल पदार्थों के अवरोध होने के कारण कभी-कभी टखनों में सूजन आ जाती है इससे बचने के लिए नमक का प्रयोग इन दिनों कम से कम किया जाना चाहिए।

पैरों में खून का संचारण अच्छी तरह हो इसके लिए पंजों से जांघों तक मालिश की जानी चाहिए।

जूते, चप्पल व अन्य फुट वियर का चयन बहुत अधिक सोच समझ कर किया जाना चाहिए। गलत नाप के जूते व चप्पल पहनने से शरीर का ढ़ांचा बिगड़ जाता है। जूते व चप्पल की लंबाई पैरों की वास्तविक नाप से आधा इंच अधिक होनी चाहिए।

लम्बे आकार के मोजे पैरों के लिए अच्छे रहते हैं। कसे हुए मोजे पहनने से बचना चाहिए।

नंगे पैर हरी घास पर टहलना शरीर व मन को प्रफुल्लित करता है।

पैरों की फटी एड़ियों से खून बहता हो या कटी-फटी एड़िया बहुत पीड़ा देती हो तो घर में पुरानी अथवा एक्पायरी डेट की टेबलेट व कैपसूल रख हो तो इन्हें पीस का बारीक पाऊडर बना लें। इस पाऊडर में मोम और व्हाईट पेट्रोलियम जैली अच्छी तरह मिला कर रख लें। फटी एड़िया और पैरों की देखभाल करने के लिए रोज रात को सोने से पहले एड़ियों में यह मिश्रण मल कर सूती मोजे पहन कर सो जाएं और सुबह गर्म पानी से अच्छी तरह साफ कर लें। कुछ दिन प्रयोग करें। पैरों की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे।

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