कामकाजी महिलाएं सप्ताह में कुछ घंटे खुद को क्यों दे? Why do working women give themselves some hours a week?

कामकाजी महिलाएं सप्ताह में कुछ घंटे खुद को क्यों दे-

मशीन की तरह खुद को व्यस्त नहीं करें।

शरीर का रूप और त्वचा की सुंदरता बनाए रखने के लिए कुछ समय खुद के लिए भी निकालें वरना् उम्र से पहले झुर्रियां नज़र आने लगेगी।

त्वचा की कमनीयता बनाए रखने के लिए सप्ताह में एक दिन बादाम के तेल से सम्पूर्ण शरीर की मालिश जरूर करें। मालिश के आधा घंटा बाद हल्का शॉवर बाथ लेकर रोएदार सूखे तौलिए से शरीर को पौंछ लें।

बालों की चमक बनाए रखने के लिए सप्ताह में एक दिन अपने बालों को भी उचित देखभाल दें। अंगुलियों के पोरों से गुनगुने तेल की मालिश बालों की जड़ों में करनी चाहिए।

फटी एड़िया, बेडौल व खुरदरे नाखुनों को भी पन्द्रह दिन में एक बार जरूर संभाल लें। मेनीक्योर व पेडीक्योर घर पर ही आसानी से किया जा सकता है। घर पर बाथ टब की व्यवस्था हो तो फुल टब स्नान पन्द्रह दिन में एक बार ले लेना चाहिए।

चेहरे पर साबुन का प्रयोग नहीं करें और रसोई घर से पारम्परिक सामग्री से चेहरा रोज नहाते समय धो लें। चेहरे पर कभी-कभी हल्का भाप-स्नान लिया जा सकता है। इसके बाद बादाम के तेल से चेहरे पर हल्के हाथों से मालिश कर लें।

हर रविवार को कम कैलोरी वाला नाश्ता करें। मलाई रहित दूध, पानी में भिगोएं हुए सूखे मेवे, विटामिन सी वाले फल व रस, केला, पनीर, अंकुरित अनाज, सेब या कीवी आदि जो भी सरलता से उपलब्ध हो सकें लेना चाहिए।

सप्ताह में दो दिन तेज गति से भ्रमण, योगासन व ध्यान के लिए भी आधा घंटा जरूर निकालें।

घर व बाहर के कार्यों में सहायता प्राप्त करने के लिए घर के सदस्यों को मना मत कीजिए। काम आसान हो जाएंगे।

बचे हुए समय को घर के सदस्यों के साथ बाहर घूमने, साथ बैठ कर हँसने-ठहाके लगाने व मनोरजंन के लिए उपयोग करें।

कामकाजी महिलाएं सप्ताह में कुछ घंटे खुद को दे, इन प्रयोगों से मानसिक और शारीरिक अनावश्यक थकान से आसानी से मुक्ति पाकर चुस्त-दुरूस्त रहा जा सकता है।

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