कामकाजी पुरूषों का आहार कैसा हो? -कामकाजी पुरूषों को भी संतुलित आहार उचित मात्रा व उचित अनुपात में लेना आवश्यक है जिससे शरीर को आवश्यक पोषण मिल सकें। चूंकि कामकाजी पुरूषों की शारीरिक सक्रियता कम होती है इसीलिए विवेक व अच्छे उद्धेश्य से आहार का चुनाव करना चाहिए। अंट-शंट व फास्ट-फूड खाने से बचना चाहिए।
सुबह का नाश्ता, दोपहर तथा शाम के भोजन के साथ दिन भर में दो अल्पाहार भी जरूर लेना चाहिए और इन तीनों आहार को संतुलित बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। तीनो समय का भोजन स्वादिष्ट, पोषक, अच्छा रंग, गंध, आकर्षक, पाचक और मन पसंदीदा होना चाहिए। भोजन करने के बाद तृप्ति व आनन्द का अनुभव होना चाहिए।

ग्रहणियों को चाहिए कि पूरे सप्ताह के दिनों के लिए आहार के पूर्व सूची बना लेना चाहिए।
अपने आय तथा बजट अनुसार सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाला आहार चुनना चाहिए।
सुबह उठकर फल, रस तथा गरिष्ठ नाश्ता करना चाहिए। ब्रेड, दूध, दलिया, मक्खन, आमलेट, परांठा, अचार, चाय या दही आदि जो भी उपलब्ध हो लिया जा सकता है।
दोपहर भोजन से पूर्व मध्यांतर में ग्रीन टी या चाय के साथ हल्का स्नेक्स आदि लिए जाने चाहिए।
दोपहर भोजन में कार्यालय में पैक्ड लंच लेकर जाएं। इस आहार में विविधता रखें। आहार मे ंकार्बोज, वसा, प्रोटीन, विटामिन व खनिज लवण आदि का समावेश होना चाहिए। पूड़ी, रोटी, चावल, हरी सब्जियां, रायता, दही, पुलाव, दाल, बेसन, सलाद व पत्ते वाली सब्जियां आदि जो भी उपलब्ध हो ली जा सकती है।

शाम 4 बजे चाय के साथ अल्पाहार में मोटा आटा का एक-दो बिस्किट आदि लिए जा सकते हैं।
शाम का भोजन 7.30 बजे तक जरूर लें। चावल, रोटी, हरी सब्जियां, खिचड़ी, दलिया, पापड़, मिश्रित सब्जियां व रस दार सब्जियां जो भी उपलब्ध हो ली जा सकती है।

सोने से पूर्व एक ग्लास गर्म दूध जरूर पीएं।

कामकाजी पुरूषों का आहार में सभी प्रकार के अनाज जैसे गेहूँ, चावल, बाजरा, ज्वार, मक्का व रागी, चिवड़ा, जमीकंद जैसे आलू, प्य्राज, लहसुन, अरबी, शलजम, चुकंदर व शकरकंदी, चीनी व गुड़ तथा घी और तेल आदि ऊर्जा प्रदान करने वाले आहार है। पुरूषों में अधिक क्रियाशली पेशीय उत्तक पाए जाते हैं इसलिए पुरूषों को अधिक ऊर्जा तथा प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
दूध व दूध से बने पदार्थ, दालें, सूखे मेवे व तिल आदि में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। हर व्यक्ति को अपने वजन के हिसाब से प्रति किलों पर 1 ग्राम प्रोटीन का सेवन अच्छी सेहत के लिए आवश्यक है।
चुस्त-दुरूस्त ओर रोगों को खुद से दूर रखने के लिए मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल व अन्य फल आहार में जरूर शामिल करना शुरू कर दें।

कम लागत पर भी अच्छा पौष्टिक आहार प्राप्त किया जा सकता है।
अंकुरित व खमीरीकरण वाला आहार तीनों भोजन में शामिल किया जा सकता है।

पुरूषों की आधारभूत चयापचयी दर स्त्रियों की अपेक्षा अधिक होती है।
आयु में वृद्धि के साथ शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा में कमी आ जाती है।
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