फल शरीर की सफाई प्राकृतिक तरीकें से कर देते हैं। फल में जीवनीशक्ति बढ़ाने के भरपूर गुण होते है। फल के नियमित रूप से प्रयोग करने पर नई ऊर्जा और स्फूर्ति का संचार होता है।

फल शरीर को भीतर तक साफ स्वतः ही कर देते हैं। फल वरदान है।
चेहरे की कमनीयता व सुंदरता बढ़ाने के लिए फलों का रस, फैस पेक व अन्य उबटन लगाते हैं लेकिन ऊपरी सुंदरता भी सुंदर नहीं लगेगी जब तक भीतर से सुंदरता नहीं निखरेगी। फल को दांतों से ही खाने की आदत डालेंगे तो दांत व मुंह की सफाई भी प्रकृतिशः हो जाती है।
फल रेशेदार होने के कारण शरीर में कब्ज नहीं होने देता और जब शरीर से मल बाहर निकल जाता है तब रोम-रोम दमकने लगता है।
केला-पेट स्वस्थ तो शरीर स्वस्थ। पेट खराब तो सौ रोग हाजिर हो जाएंगे। रोज सुबह खाली पेट केला खाने से सेहत अच्छी रहती है और त्वचा पर निखार आता है और चेहरा चमकने लगता है।
अंगूर-अंगूर में कैंसररोधी तत्त्व पाए जाते हैं। सेहत बनाने का अच्छा माध्यम है। त्वचा को मुलायम व कोमल बनाने के लिए अंगूर खाने के साथ ही साथ अंगूर के रस को पूरे शरीर पर 15-20 मिनट के लिए मलें और समताप पानी से स्नान करें।

संतरा-मुँह का स्वाद अच्छा रखता है। संतरे में विटामीन सी पर्याप्त मात्रा में होता है जो त्वचा को सीधे लाभ पहुँचाता है। चोट ग्रस्त स्थान पर पड़े निशान पर संतरा का रस मलने से निशान खत्म हो जाते हैं। संतरा के रस को पूरे शरीर पर 15-20 मिनट के लिए मलें और गुनगुने पानी से स्नान करें। त्वचा पर चार चांद लग जाएंगे।

सेब-प्रतिदिन एक सेब का सेवन कई बीमारियों से दूर रखता है। सेब का फेसपैक लगाने से चेहरे की झुर्रियां कम होने लगती है। सेब में विटामिन्स पर्याप्त मात्रा में होते है जोकि शरीर को स्वस्थ रखने में अधिक सहायक है।

अनार-शारीरिक व मानसिक कमजोरी दूर करने तथा खून बढ़ाने में अनार बहुत ही लाभदायक है। अनार से अनेक बीमारियां दूर होती है। किडनी रोगों को दूर करने के लिए अनार बहुत अच्छा फल है। यह खून साफ करके त्वचा को चमकदार बनाता है। अनार का रस याददाश्त बढ़ाता है। प्रोस्टेट कैंसर को दूर करने में भी सहायक है।

पपीता-पेट की बीमारियों दूर करने में सबसे उत्तम फल पपीता है। कच्चा पपीता लीवर के लिए अच्छी औषद्यी है। चेहरे की कांति बढ़ाने के लिए पका पपीता मसल कर चेहरे पर 20-25 मिनट तक लगा कर रखें फिर समताप पानी से हल्के हाथों से मलते हुए धो लें।

नारीयल-कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर नारीयल एक सर्वोत्तम आहार तथा औषद्यी है। नारीयल का दूध अनेक रोगों को दूर करने की क्षमता रखता है।

फल शरीर की सफाई प्राकृतिक तरीकें से कर देते हैं।
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