बोन डेनसिटी कैसे सही रहे-हड्डियां कैल्शियमय, फॉस्फोरस, प्रोटीन और खनिज लवण से बनी होती है। शरीर मंे प्रोटीन की कमी हो जाने के कारण कैल्शियम व खनिज लवण हड्डियों मंे संरक्षित नहीं हो पाते हैं और हल्की चोट से भी फ्रेक्चर हो सकता है।

दूषित तथा गलत आहार-विहार और जीवनशैली, बढ़ती उम्र, हार्मोन्स में असंतुल, नशीले पदार्थों का सेवन, तम्बाकू व धूम्रपान की लत एवं अन्य कारणों से हड्डी का घनत्त्व अर्थात् बोन डेनसिटी कम होने लगती है।
हड्डियो के घनत्व को बोन डेनसिटी कहा जाता है। बोन डेनसिट टेस्ट टी व जेड स्कोर में मापा जाता है। यदि हड्डियों का घनत्व -1 से ज्यादा है तो सामान्य, -1 से -2.5 ऑस्टियोपीनिया और -2.5 से कम है तो ऑस्टियोपोरोसिस होता है।
दैनिक भोजन में विटामिन डी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन के, प्रोटीन और फॉस्फोरस की कमी से बोन डेनसिटी कम होने लगती है। सुबह की धूप ग्रहण नहीं करना भी एक बड़ा कारण होता है।

महिलाओं में मेनोपॉज व शिशु को दूध पिलाने वाली की स्थिति तथा पुरूषों में टेस्टोरॉन हार्मोन के कारण, स्टेरॉयड, कैंसररोधी दवाईयां बोन डेनसिटी कम होने लग जाती है।
बोन डेनसिटी कम होने पर व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है। चिड़चिड़ापन, कमर, गर्दन व शरीर में दर्द व कमजोरी का अनुभव लगने लगता है। कमर में झुकाव आने लगता है। किसी भी काम को करने के लिए रूचि में कमी आ जाती है। बार-बार मूड बदलने लगता है।

डायबिटिज एवं थॉयराईड की दवाआंे का लम्बी अवधि से सेवन भी हड्डियों का घनत्व कम करता है।
हृदय की धड़कन, हार्मोन संतुलन, नर्वस सिस्टम व एंजाइम्स की सक्रियता, मांसपेशियों का क्रियाशीलता, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली व खून के थक्के जमने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
बोन डेनसिटी कैसे सही रहे और बोन डेनसिटी बढ़ाने के लिए क्या करें?

बोन डेनसिटी अच्छी बनी रहे इसके लिए नियमित रूप से योग, आसन, व्यायाम और अन्य शारीरिक क्रियाएं जैसे खेलकूद, भ्रमण, तैराकी या साईक्लिंग आदि की जानी चाहिए। भोजन की थाली में कैल्शियम, प्रोटीन, हरी सब्जियां व फल आदि भी जरूर शामिल किए जाने चाहिए। सुबह की हल्की धूप में 10-15 मिनट जरूर बैठ कर धूप सेवन किया जाना चाहिए जिससे शरीर को विटामिन डी पूरी तरह मिल सकें और कैल्शियम का अवशोषण हो सकें।
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