बेसल मेटाबोलिक रेट क्या है? What is basal metabolic rate?

बेसल मेटाबोलिक रेट क्या है? जब हम सो रहे हो या विश्राम की अवस्था में हो या कोई भी शारीरिक क्रिया नहीं हो रही हो तब भी क्या शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जी हाँ! निद्रा या सम्पूर्ण विश्राम के समय भी हमारा हृदय निरंतर धड़कता रहता है, श्वसन तंत्र निरंतर सक्रिय रहता है, रक्त परिसंचरण व पाचन तंत्र अपना-अपना कार्य चुपचाप करते रहते हैं। ये सभी जीवन दायी क्रियाएं जोकि निरंतर क्रियाशील रहती है जिनके संचालन के लिए भी ऊर्जा की आवश्यकता रहती है।

शारीरिक व मानसिक विश्राम की स्थिति में जीवन प्रदान करने वाली क्रियाओं के संचालन के लिए जितनी ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसे आधारभूत चयापचय कहा जाता है।

शरीर के कार्यों को करने के लिए जिस दर से ऊर्जा की आवश्यकता होती है यही दर उस व्यक्ति की आधारभूत चयापचयी दर होती है।

लिंग, शरीर का आकार, वृद्धि, बीमारी, कुपोषण, व्रत व उपवास और आयु के आधार पर सभी की आधारभूत चयापचयी दर भिन्न-भिन्न हो जाती है।

गर्भवती स्त्रियों, शैशव अवस्था के बच्चों, जवान पुरूषों, रोग व तनाव की स्थिति में चयापचयी दर अधिक होती है किंतु व्रत, उपवास, भूख व कुपोषण की स्थति में आधारभूत चयापचयी दर कम भी हो जाती है।

किसी व्यक्ति को कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी इसका निर्धारण करने के लिए व्यक्ति की आधारभूत चयापचयी दर को आधार मान कर चलते है। आधारभूत चयापचयी दर में सभी शारीरिक क्रियाएं जो दिन भर में की जाती को शामिल किया जाता है। व्यक्ति अपने-अपने स्तर पर हल्का, कम या भारी मेहनत अथवा श्रम करने वाला हो सकता है। अर्थात् शरीर की शारीरिक क्रियाओं तथा व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले श्रम को जोड़ कर किसी व्यक्ति की कुल ऊर्जा की आवश्यकता की गणना की जा सकती है।

इस तरह स्पष्ट है कि बेसल मेटाबोलिक रेट क्या है? और जीवित अवस्था में व्यक्ति की किसी भी स्थिति में शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

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