जीरो से हीरो बनने के लिए क्या करें-हर आदमी का सपना होता है कि मुझे आगे बढ़ना है और अपना लक्ष्य और सपनों को पूरा करना है। आगे बढ़ना है तो –
जरूरत से ज्यादा सोच-विचार से बचिए जिससे कठिन चीजे भी समय पर सरल हो जाती है।

जिन्दगी ही खुद में एक चुनौती है। खुद को बेहतर समझ व बनाकर आगे बढ़ने का प्रयास सदैव जारी रखें। संघर्ष है तो हर कदम यह एक परीक्षा है जिसे पास करके ही आगे बढ़ा जा सकता है।

काम को अधिक लम्बा खींचना ठीक नहीं सीमित समय में भी संतुलित कार्य करने की क्षमता बढ़ाएं।
आज हर कोई खुद के लिए ही सोचता है किंतु सबके लिए सोचना भीतर से आनन्दित करेगा और एक नई ऊर्जा का संचार करता है।
घर बैठकर किस्मत पर भरोसा कभी नहीं करना। पुरूषार्थ के बिना सफलता मिल नहीं सकती।
कुछ भी लिखने की आदत बनाएं। अपनी बात लिखकर कहने से स्वयं को अच्छी तरह से अभिव्यक्त आसानी से कर पाते हैं और सही-गलत या अच्छा-बुरा आदि के प्रति विवेक क्षमता का विकास स्वतः ही होने लगता है।
लिखना व पढ़ना भी बातचीत करने की कला का विकास करता है। व्यक्तित्व में निखार लाता है और दुनिया को आपसे जोड़ता है।
आक्रामक व्यवहार के बजाए शांत व्यवहार अधिक श्रेष्ठ है। शांत रहते हुए अपनी बात सामने रखकर आगे बहुत अच्छी तरह बढ़ा जा सकता है।

कर्म प्रधान बनने के लिए सदैव तैयार रहें और खुद व दूसरों के लिए विश्वसनीय बनें।
जिम्मेदारियों से भागने की नहीं बल्कि जिम्मेदारी खुद लेना सीखें और अपने लक्ष्य की बड़ी पिक्चर देखें।
समस्या के बजाए उसमें छिपे समाधान के लिए खोजी बनने की कला का विकास करें।
चार लोगों से किसी काम के लिए बार-बार पूछना या जानने में अधिक समय बर्बाद करने से बचें बल्कि नए कार्य के लिए खुद कदम उठाएं। एक कदम आपको हजारों कदम आगे ले जाएगा।
कोई काम नहीं कर रहा है? आप कर डालिए। नई चीजें सीखने के लिए तत्पर रहें।व्यक्तित्व में अद्भुत निखार आएगा।
संवाद कभी नहीं रोकें। प्रेरणा के लिए बड़े लोगों के अनुभवों से कुछ सीखना है ऐसा सोचना सीखें।
खुद में ही सिमट कर रहना कभी आगे नहीं ले जा सकता है। सबसे मिलिए फिर चाहे सामने वाले का कैसा भी व्यक्तित्व हो। हर एक कोई का व्यवहार एक नई सीख जरूर देकर जाता है।

अन्वेषण और विश्लेषण करना जहाँ सीख लिया वहाँ लक्ष्य कभी दूर नहीं। हमेशा नए आयडिया और प्लानिंग पर मंथन करें। माफ करना और माफी मांग लेना लक्ष्य के करीब लाता है।
जीरो से हीरो बनने के लिए त्याग, समर्पण, सहयोग, सहभागिता, सामाजिकता, प्रतिभागिता, सामंजस्यता, सतर्कता, जागरूकता और व्यवहारपरकता जीवन को आनन्दित करने वाले अच्छे पहलू है जो व्यक्ति को वाकई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ सुरक्षित होने की अनुभूति भी देता है।
खुश रहें , संकल्प करें और आगे बढ़े।
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