आर्थराईटिस की समस्या से कैसे दूर रहें? How to stay away from the problem of arthritis?

आर्थराईटिस की समस्या से कैसे दूर रहें:-

आर्थराईटिस का मूल कारण क्या है?

आर्थराईटिस रोग होने के मुख्य कारण वंशानुगत, मोटापा तथा अधिक वजन, व्यायाम का अभाव, गलत तथा दूषित खानपान, गलत जीवन शैली तथा असंतुलित आहार शैली है।

जोड़ों को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाने के कारण भी जोड़ खराब हो जाते हैं।

व्यायाम या भ्रमण नहीं करने से जोड़ों में खून का संचालन कम होने से जोड़ घिसने लगते हैं।

जंक फूड तथा फास्ट फूड के फैशन और शौक के चक्कर में शरीर के जोड़ों की हड्डियों को कैल्शियम और अन्य आवश्यक खनिज लवण नहीं मिल पाने के कारण जोड़ खराब हो जाते हैं।

धूम्रपान, नशा, अल्कोहल व स्टेरॉयड लेने, खेलकूद के दौरान चोट लगना या बॉडी बिल्डर बनने के चक्कर में युवाओं में नितम्ब (कूल्हों) खराब होने की समस्या बढ़ी है क्योंकि इन सबसे जोड़ों में रक्त का संचालन कम होता है और रक्त हड्डियों की कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाता है जिससे हड्डियों के उत्तक नष्ट होने लगते हैं। उत्तक नष्ट होने से जांघ की हड्डी के ऊपरी गोल सिरे का हिस्सा धीरे-धीरे खराब होने लगता है। परिणामस्वरूप जोड़ भी धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।

वजन सहन करने वाले अंगों जैसे घुटने व नितम्ब पर आर्थराईटिस का अधिक प्रभाव पड़ता है।

आर्थराईडिस होने पर जोड़ों के बीच में स्थित चिकनाई (गद्दियों) को नुकसान पहुंचाता है। जोड़ों के बीच स्थित चिकनाई कम या खत्म होने पर जोड़ की हड्डियां आपस में रगड़ खाती है जिससे हड्डियों पर दबाव आने लगता है और जोड़ों में दर्द होने लगता है। समस्या अधिक बढ़ने में जोड़ विकृत हो जाते हैं।

आर्थराईटिस की बीमारी को कैसे रोका जाएं?

1. वजन पर निंयत्रण सबसे पहले रखा जाना चाहिए क्योंकि हड्डियों पर वजन का भार अधिक पड़ता हैं।

2. नियमित रूप से शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। योगासन, भ्रमण व अन्य शारीरिक गतिविधियां दैनिक रूप से अवश्य करनी चाहिए जिससे जोड़ों में कॉर्टिलेज कम नहीं होती है।

3. पचास वर्ष की उम्र के बाद कैल्शियम और खनिज लवण की खुराक पर जरूर ध्यान देना चाहिए।

4. घुटनों में दर्द शुरू होने पर जीवन-शैली में तुरंत बदलाव करें। घुटनों में दर्द होने पर उकड़ू बैठने से बचना चाहिए। जोड़ों में दर्द के रोग के शुरूआत में ही दवा, फिजियोथैरेपी व लाईफ स्टायल में बदलाव करके रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। आर्थराईटिस की समस्या से दूर रहें।

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