गठिया अकड़न दर्द एवं अंग सुन्नता दूर करें-
गठिया अकड़न दर्द एवं अंग सुन्नता आदि दूर करने के लिए जानना चाहिए कि यह नाड़ी तंत्र के रोग है। जीवन शैली की अनियमितता व असंतुलित परिणाम में खाद्य पदार्थ का प्रयोग इनका मुख्य कारण है। नियमित मालिश, सूर्य स्नान, वायु व अपान वायु मुद्रा का प्रयोग करना बहुत लाभदायक है।

प्रभावी अनुभूत उपचार
सप्ताह में दो लघु उपवास करें।
वात प्रधान आहार नहीं ग्रहण करें।
अमरूद के पत्तों या आलू को पीस कर लेप करें। दर्द में लाभ होता है।
करेले के रस या एरण्ड के बीजों का लेप गठिया की सूजन व दर्द कम करता है।
मेहंदी व एरण्ड के पत्तों को पीस कर घुटनों पर लेप करें।
जोड़ों में दर्द होने पर सहजन के पत्तों का लेप करें।
आँवला, गिलोय और गोखरू प्रत्येक 100 ग्राम तथा 300 ग्राम मिश्री का चूर्ण। प्रातः तथा सांय एक एक चम्मच दूध के साथ लें। शरीर हृष्ट-पुष्ट, बलशाली, मजबूत और वीर्यशुद्ध होता है।
भुना हुआ करेला व चीनी मिलाकर गर्म-गर्म खाने से गठिया संबंधी सभी रोगों में लाभ।
सौठ, चिरायता व नागरमोथा प्रत्येक 10 ग्राम लेकर एक ग्लास पानी में उबाल कर सहता-सहता रात्रि सोने से पहले पीएं। आम, वात, कफ व बुखार को दूर करता है साथ ही अंग विशेष की सुन्नता भी दूर होती है।
काली राई को पीस कर लेप करने से दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
राई के तेल में कपूर मिलाकर भी लगाएं।

तुलसी पंचाग का चूर्ण प्रातः तथा सांय दूध के साथ लें।

2 ग्राम दारू हल्दी या गिलोय को दूध के साथ सेवन करने से गठिया व सुन्नता में लाभ व अम्लता समाप्त होती है।
हल्दी, मैथीदाना, सौंठ व अश्वगंधा चूर्ण प्रत्येक बराबर मात्रा में। प्रातः भोजन (8.30 बजे तक ) के बाद तथा शाम के भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ एक चममच लें। लहसुन की 3 चार कलियां खाली पेट दिन में कभी भी लें।
अलसी की पुल्टिस बांधने से गठिया दर्द में लाभ। पुल्टिस के लिए आवश्यकतानुसार अलसी को कूट कर उबलते हुए पानी में धीरे-धीरे डालकर मिलाएं। पुल्टिस अधिक मोटी न हो पतली होनी चाहिए। कपड़े पर तेल चुपड़ कर पुल्टिस लगाकर स्थान विशेष पर बांध देना चाहिए।
पोषक तत्त्व
गठिया अकड़न दर्द एवं अंग सुन्नता दूर करने के लिए घी में फूल मखाने को हल्का भून कर प्रयोग करें। गुनगुना पानी का अधिकतम प्रयोग करें व ठण्डी वस्तुओं को आहार से दूर रखें।
दूध, बथुआ, नीबू,, जौ, सोयाबीन, रागी, बाजरा, पालक, मैथी, गहरी हरी पत्तेदार सब्जियाँ, ब्रोकली, सेम, बीन्स, ककड़ी, छिलका सहित लाल आलू उबला या भुना, पपीता, अनार, डाब, हल्दी, प्याज, लहसुन, करेला, पनीर बिना तला, लौकी, टिण्डा, पुदीना शिमला मिर्च, तुरई व टमाटर जो भी उपलब्ध हो। सब्जियाँ स्टीम देकर मसालें मिला लें और ऊपर से उपलब्ध एक चम्मच जैतून तेल व एप्पल साईडर डालकर आहारीय प्रयोग करें जिससेगठिया अकड़न दर्द एवं अंग सुन्नता दूर होती है।
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