हाथ पैरों का पतला होने का कारण भी डायबिटिज हो सकता है, एसएमएस मेडिकल कालेज और बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में किए गए इस नए शोध में ज्ञात हुआ है कि दुबले पतले लोगों में डायबिटीज के बड़े कारणों में लाइपोडिस्ट्रोफी नामक दुर्लभ बीमारी का विकार भी हो सकता है।

दुबले-पतले और हाथ पैरों का पतला होने का कारण भी डायबिटिज का बड़ा कारण हो सकता है।
मधुमेह रोगियों मे जांघ की चर्बी में मिले जींस का डायबिटिज और इंसतुलिन रेजिस्टेंस के मध्य संबंध पाया गया है। ऐसे रोगियों की जांघ की चर्बी में एडिपोजेनेसिस नामक प्रक्रिया में विकार पाया जाता है जिसके कारण लिवर, पेनक्रियाज और मांसपेशियों में अधिक वसा जमा हो जाती है। परिणामस्वरूप डायबिटिज व उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां लग जाती है। इस शोध के बाद डायबिटिज व उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के उपचार में सहायता मिल सकेगी।

शरीर में अधिक भोजन व अधिक शारीरिक कार्य नहीं करने के कारण सामान्यतः पैरों व हाथों की चर्बी की मात्रा में बढ़ोतरी होती है जिसे एडिपोजेनेसिस कहा जाता है।
एडिपोजेनेसिस की क्षमता अलग-अलग व्यक्तियों में जीन्स के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है। जिनमें एडिपोजेनेसिस की क्षमता कम होती है उनके हाथ पैरों में वसा जमा नहीं हो पाती है।
इस शोध में यह भी ज्ञात हुआ है कि विभिन्न प्रकार से होने वाली लाइपोडिस्ट्रोफी में वसा खाल के नीचे जमा नहीं हो पाती है और इससे यह लिवर, मांसपेशियों, पेनक्रियाज व रक्त नलिकाओं में जमा हो जाती है।

इस शोध में यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि लाइपोडिस्ट्रोफी के जीन का विकार डायबिटीज के रोगियो के पैरों की जांघ में पाया गया जिससे यह परिणाम निकला कि दुबले-पतले व्यक्तियों में मधुमेह का प्रसार होने कारण लाइपोडिस्ट्रोफी के जीन्स का विकार भी हो सकता है।
लाइपोडिस्ट्रोफी के जीन्स की कार्य प्रणाली में मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में भी विकार पाया गया है।
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