डायबिटिज रोगी क्या करें? और क्या न करें? आइए जानते है -डायबिटीज के रोगी को अपने खानपान और दैनिक चर्या के प्रति संतुलित रूप से सजग रहना चाहिए।

चिकित्सक के निर्देशानुसार टेस्ट रिपोर्ट, डायबिटिज के प्रकार, आयु, शरीर का आकार व वजन, दैनिक चर्या व शारीरिक क्रिया कलापों अनुरूप खाना और समय निश्चित हो।
डायबिटिज रोगी ऐसा नहीं करें-
डायबिटिज रोगी को घी, तेल, मसालेदार व तला-भुना आहार, फास्ट फूड, चटपटी वस्तुएं, कोल्ड व सोफ्ट ड्रिंक, जंक फूड, आईसक्रीम, चॉकलेट, टॉफियां, पैक्ड फूड, बासी भोजन आदि चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। आलस्य भरा जीवन जीने की आदत छोड़ देनी चाहिए।

डाईट चार्ट के अतिरिक्त कुछ भी खाने से परहेज करना चाहिए।
डायबिटिज रोगी ऐसा करें-
सामान्य से अधिक वजन होने पर चिकित्सक की सलाह से रोज कम से कम 10 हजार कदम चलना चाहिए।
ब्लड शुगर के लेवल के अनुरूप डायबिटिज रोगी चिकित्सक के निर्देश में सेव, पपीता, जामुन, अमरूद व संतरा आदि फल 100 ग्राम की मात्रा तक ग्रहण कर सकते हैं।

डायबिटिज रोगी रोज 30 से 45 मिनट प्रातः या सांय भ्रमण जरूर करें। हल्का-फुल्का व्यायाम, जागिंग या टहलना आदि जीवन-शैली में करें।
गेहूँ, जौ, बाजरा और चने के मिश्रण से बना आटा या केवल जौ के आटे से बनी रोटी का सेवन करें, अधिक नमकीन भी डाइबिटीज़ का कारण बन सकता हैं.

डायबिटिज रोगी के लिए बहुत फायदेमंद है।
डायबिटिज रोगी ऐसे आहार बिल्कुल नहीं लें जिनका ग्लाईसेमिक इंडेक्स 70 से अधिक है। मीठे फलों का रस बिल्कुल नहीं लें। 55 से कम ग्लाईसेमिक इंडेक्स वाले आहार डॉक्टर की देखरेख में लिए जा सकते हैं।

डायबिटिज के लक्षणों को नज़र अंदाज नहीं किया जाना चाहिए अन्यथा रोगी के सामने कई परेशानियां उत्पन्न हो सकती है।
सामान्य व्यक्ति जिन्हें डायबिटिज नहीं है इन्हें भी मीठी खाद्य सामग्री नियंत्रित मात्रा में ग्रहण करनी चाहिए। नियमित रूप से व्यायाम व भ्रमण के प्रति सजग रहना चाहिए और समय-समय पर जांच करवाते रहें। डायबिटिज रोगी क्या करें? यह जरूर जान लेना चाहिए।
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