हृदय रोग से बचाव के लिए प्रातः तथा सांय भ्रमण करें अर्थात् एक दिन में कम से कम 30 मिनट भ्रमण जरूर करें। शक्ति, स्वास्थ्य व सामर्थ्य अनुसार भ्रमण हेतु समय अधिक व कम किया जा सकता है।

हृदय रोग की समस्या का समाधान, हृदय की मांसपेशियां शक्तिशाली बने।
विश्राम व नींद भरपूर लें।
दिन में दो बार कायोत्सर्ग करें।
हृदय के आस-पास हिस्से में हरा रंग का ध्यान करें।
तनाव, क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, हड़बड़ाहट व घबराहट नहीं पालें।
एक मिनट में 10 से 12 श्वास (दीर्घश्वास) लेने का अभ्यास करेें।

1 चम्मच आंवला चूर्ण व 1 चम्मच मिश्री सुबह खाली पेट जरूर लेें। डायबिटिज रोगी मिश्री का सेवन नहीं करेें।
दो नीबू रोज सेवन करें।

200 ग्राम लौकी, 5 ग्राम पुदीना, 5 तुलसी पत्ते सुबह भूखे पेट लने से हृदय रोग नष्ट होते है साथ ही मोटापे व पेट के रोगों के लिए यह अच्छी औषधी है।
5 ग्राम अर्जुन छाल एक कप दूध तीन भाग पानी मिलाकर उबालें एक कप रहने पर छानकर सुबह भूखे पेट पी लें।
3 ग्राम अर्जुन छाल (एक चम्मच), 200 ग्राम गाय का दूध और 250 ग्राम पानी मिलाकर आधा रहने तक उबालें और छान कर एक महीने तक पीए। उसके बाद सप्ताह में एक बार जरूर लें।
रात को सोने से दो घंटे पहले एक ग्लास गर्म पानी में अर्जुनछाल/तुलसी/अदरक/दालचीनी या छोटी इलायची डालकर जरूर लें।
4 लहसुन की कच्ची कलियां रोज सुबह निगलें। गर्म प्रकृति के व्यक्ति चिकित्सक की देखरेख में लें।
2 कली लहसुन कूटें व दूध में उबालकर सप्ताह में 3 बार खाएं।

गुनगुने पानी का सेवन दिन में चार-पाँच बार करें। 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीए।
200 ग्राम लौकी का रस भूखे पेट प्रातःकाल लें।
तुलसी, पोदीना, बेल पत्र व कड़वे नीम प्रत्येक की 4 पत्तियाँ प्रातः भूखे पेट सादा पानी से लें।
भोजन में सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।
हृदय को अधिक श्रम कराओगे तो विभिन्न रोगों से स्वयं को घिरा पाओगे।
सप्ताह में कम से कम दो बार गुनगुने पानी का फुलटब बाथ 20 मिनट तक लें।

हृदय रोग से बचाव एवं धमनियों को साफ रखने, दिल की बीमारियों, दिल का दौरा पड़ने की संभावनाओं को कम करने के लिए 1/2 ग्लास कद्दू का रस पीए। इसमें एंटी ऑक्सीडेन्ट्स बहुत अच्छे होते है जोकि धमनियों को कड़क होने से रोकने में बहुत मदद करते है।

Relatively very important knowledge.Thanks