दस कदम शरीर को 100 साल तक स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
1. सड़क पर यदि वाहन ही वाहन हो जाए और आगे बढ़े नहीं तब जाम लग जाता है। वाहन को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त खाली स्थान चाहिए इसी प्रकार शरीर के भीतर भी शारीरिक क्रियाओं व प्रवाहन के लिए समुचित व पर्याप्त खाली स्थान चाहिए।

शरीर में आंशिक रिक्तता आवश्यक है तभी शारीरिक अंगों का संचालन अच्छी तरह हो पाता है।
यदि फेफड़ों में खाली जगह नहीं रहेगी तो सांस अंदर नहीं जाएगी।

यदि हृदय में खाली जगह नहीं होगी तो मृत्यु हो जाती है।

यदि नासाग्र नली में खाली जगह नहीं होगी श्वास प्रक्रिया बाधित होगी और परिणाम जानलेवा हो सकता है।
यदि आंतों में खाली जगह नहीं होगी शरीर से मल बाहर नहीं खिसकेगा और अनेक रोगों का जन्म यहीं से प्रारम्भ हो जाता है।
यदि त्वचा के छिद्र गंदगी व दूषित पदार्थों से भरे रहेंगे तब असहनीय रोग पैदा हो जाएंगे।
यदि शरीर की कोशिकाओं व अंगों में पानी के लिए जगह नहीं होगी तब निश्चित मृत्यु है क्योंकि जैसे संसार में तीन भाग पानी है वैसे ही हमारे शरीर में भी तीन भाग पानी है।

दिन में भूख लगने पर ही दो बार ही भोजन करें। एक आहार में अल्प आहार लें।
आधा पेट भोजन करें।
आंशिक उपवास सप्ताह में एक बार जरूर करें।

2. प्राण वायु ही जीवन दाता है और इसी के कारण जिंदा रह पाते हैं यह खत्म तो जीवन खत्म।
सांसें मन व शरीर दोनों को स्वस्थ रखती है। ताजा व स्वच्छ हवा में 15-20 मिनट शरीर की स्थिति व
सामर्थ्य अनुसार तेज गति से भ्रमण, व्यायाम, योग, आसन, ध्यान या दीर्घश्वास का अभ्यास करें।
मुंहँ ढ़ककर कभी नहीं सोए।

3. सूर्य की किरणों में किटाणुओं को नष्ट करने की प्रबल शक्ति है। सूर्य की किरणें ऊर्जा, गर्मी और शक्ति देती है। एंडोक्राईन ग्लेन्डस् एवं रक्त संचार प्रौन्नत करके शरीर से मल बाहर निकाल देता है। सूर्य प्रकाश के लिए अपना दिल और दिमाग खुला रखें। घर व कार्य स्थल पर खिड़कियां व दरवाजे खुले रखें।

4. मल, मूत्र, पसीना और श्वास द्वारा लगभग ढ़ाई लीटर पानी हर रोज शरीर से निकल जाता है। प्रातः उठते ही बिना कुल्ला किए ही दो-तीन ग्लास ताजा या समताप पानी जरूर पीना चाहिए।
हर रोज 10-15 ग्लास पानी जरूर सेवन करें किंतु ध्यान रखें एकाध अपवाद छोड़कर खाना खाने के आधा घंटे पहले, एक घंटे बाद और बीच में तक पानी बिल्कुल नहीं पीना चाहिए।
5. नंगे पैर जमीन पर अधिकतम चलने की कोशिश करें, यदि सम्भव नहीं हो पाए तब कम से कम 15-20 मिनट जरूर चलना चाहिए। हमारा शरीर ही मिट्टी से बना है और यही हमारा पालन-पोषण करती है। इसके स्पर्श को मत भूलिए।
6. आदत बना लें। तीनों भोजन में संतुलित आहार ही लेने की। विनाशकारी, अमंगलकारी व दूषित पदार्थों से बिल्कुल दूरी बना लें। ताजा सब्जियां, फल, रस व पोषक पदार्थों को पहले स्थान दें और इन्हें चबा-चबा कर खाएं।
7. व्यायाम, योग, आसन, तेज गति से भ्रमण या कसरत शरीर की क्षमता व सामर्थ्य के अनुसार हर रोज अवश्य करें।
8. व्यायाम, योग, आसन, तेज गति से भ्रमण या कसरत के बाद शरीर को कुछ समय विश्राम जरूर दें। कायोत्सर्ग अथवा शिथलीकरण, योग निद्रा या ध्यान द्वारा शरीर को चमत्कारी विश्राम मिल जाता है। रात में गहरी नींद लें।
9. सकारात्मक विचार रखें। हर पहलू के दो हिस्से होते हैं। पहले सकारात्मक देखने का प्रयास करें और 100 साल जीएं।
10. स्वच्छ रहें और स्वस्थ बनें।
जी हाँ ! दस कदम शरीर को 100 साल तक स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है
Good
Thanks my dear madam
शरीर और पैर मैं सूजन आ रही आप कौन सी चिकित्सा पद्धति बताएंगे।कृपया परामर्श दीजिए।
good mong ji….problem kisko h…disease history if any…pl.