बढ़ा हुआ लीवर को दुरूस्त कैसे करें? How to correct an enlarged liver?

बढ़ा हुआ लीवर को दुरूस्त कैसे करें?


बढ़ा हुआ लीवर को दुरूस्त रखने के लिए वजन व संतुलित भोजन के लिए बहुत सचेत रहना आवश्यक है।

बढ़ा हुआ लिवर का खतरा कब हो सकता है?

शारीरिक हलन-चलन कम करना, अधिक चीनी, मिठाईयां, बाजारू ठण्डे पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, टॉफियां, पास्ता, सफेद ब्रेड, चॉकलेट्स, जंक फूड, दही के अधिक खाने से फेटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है।

बिगड़ती जीवन शैली से फेटी लिवर की समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है।

डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए प्रयत्नशील रहें। संतुलित आहार और शारीरिक क्रियाएं व व्यायाम बहुत आवश्यक है जिससे पंेक्रियाज से इन्सुलिन का अच्छा स्राव होने लगता है।

यदि पेट के आस-पास की चर्बी बढ़ती नजर आए या गर्दन के पीछे वाले हिस्से का रंग गहरा दिखाई दे ंतो यह संकेत शुगर लेवर से संबंधित रासायनिक परिवर्तनों का कारण भी हो सकते हैं।

अधिक वजन के लोगों को डायबिटिज का खतरा बना रहता है।

भोजन में चीनी बिल्कुल हटा दें।

संतुलित आहार प्रत्येक भोजन में लेना चाहिए।

व्यायाम व भ्रमण जरूर करें।

लीवर के सभी रोगों में नीबू और सेब का प्रयोग बहुत ही लाभदायक है और यह सबसे सरलता से उपलब्ध होने वाला स्रोत है।
जामुन के मौसम में रोज जामुन खाने से लीवर के रोग खत्म होने लगते हैं।

छाछ, आलू बुखारा, अनार, पपीता, लीची, गाजर व चुकंदर लीवर को स्वस्थ रखते है और शक्ति प्रदान करते हैं।
खरबूजा लीवर की सूजन खत्म करता है।

बथुआ गर्मी से बढ़े हुए लीवर को ठीक करने में सहायक है।

आधा ग्लास करेला का रस पीने से जलोदर और बढ़े हुए लीवर में लाभ होता है।

बैंगन खाने से बढ़ा हुआ लीवर ठीक होता है।

सूरज उगने से पहले दैनिक क्रियाओं आदि से निवृत्त होने के बाद चुटकी भर कच्चे चावल मुँह में रखकर समताप पानी से निगल जाएं। लीवर को पुष्ट बनाए रखने के लिए यह प्रयोग बहुत अच्छा है।


रात को एक नीबू के चार टुकड़े के हिसाब से केवल चीरा लगाएं। चारों फांकें अलग नहीं करें नीबू से जुड़ी रहें। अब इन चारों फांकों में से एक फांक में सैंधा नमक, दूसरी में काली मिर्च पाऊडर, तीसरी में सूखा अदरक का पाऊडर (सौंठ), और चौथी फांक में मिश्री का चूर्ण लगाकर प्लेट में ढक कर रख दें। सुबह तवे पर गर्म करके चूसने से लीवर की बीमारियां ठीक होती है।

धनियां व सौंठ बराबर मात्रा में और काला नमक का चूर्ण आधी मात्रा में लेकर मिश्रण बनाएं। इस मिश्रण का चौथाई चम्मच दिन में तीन बार सेवन करने से यकृत को स्फूर्ति और शक्ति मिलती है।

यदि लीवर में बहुत तेज दर्द होता हो तो आधा चम्मच सैंधा नमक और चार चम्मच राई पानी के साथ पीस लें। इस मिश्रण को लीवर के स्थान पर 5-7 मिनट के लिए लेप लगाकर छोड़ दें। इसके बाद लेप साफ करके स्थान को धो लें और घी लगा दें।

रात को दो चम्मच अजवायन को मिट्टी के सकोरे या मिट्टी के बर्तन में एक ग्लास पानी में भिगो दें। सुबह मसल कर और छान कर इसका पानी पीएं। कुछ दिन यह प्रयोग करते रहने से बढ़ा हुआ लीवर ठीक होने लगता है।

10-15 पत्ते तुलसी एक ग्लास पानी में उबालें आधा रहने पर सहता-सहता पीने से लीवर के रोग ठीक होने लगते हैं।
चाय का प्रयोग लीवर को कमजोर और खून की कमी कर देता है

चार छोटी पीपल का चूर्ण आधा चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से बढ़ा हुआ लीवर ठीक होता है।

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