होम आईसोलेशन होने पर क्या करें? What to do when home islation?

होम आईसोलेशन होने पर क्या करें?


होम आईसोलेशन होने पर हाईड्रेटेड रहें। गुनगुना पानी बार-बार पीते रहें। दिन में दो बार नमक या अजवायन की भाप लें। हल्दी या नमक या अजवायन या शहद जो भी उपलब्ध हो, को गर्म पानी में मिलाकर दिन में दो बार गरारे जरूर करें।

चिकित्सक की सलाह अनुरूप ख्ूाब पानी पीएं। इम्यून सिस्टम बढ़ाने वाले भोजन करें। खाने में जिंक, प्रोटीन, खट्टे व विटामिन सी युक्त फलों का रस पीएं या फल खाएं। शरीर की नमी बनाए रखें। कम से कम आठ-दस ग्लास पानी जरूर पीएं।

अधिक से अधिक हल्का भोजन लें।

भूखा बिल्कुल नहीं रहें। फ्रीज में रखी ठण्डी वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचें।

हल्का फुल्का व्यायाम, प्राणायाम व ध्यान जरूर करें। यह सब शारीरिक और मानसिक मजबूती प्रदान करने में मदद करते है।

हल्के फुल्के और ढ़ीले-ढ़ाले कपड़ों का चुनाव करें।

तनाव को ताक में रख कर पोषण युक्त आहार लें। अधिक से अधिक फाइबर युक्त आहार लें और कम से कम आठ घंटे की गहरी नींद लें।

कमरे का तापमान सामान्य रखें। एयर कंडीशनर के इस्तेमाल से बचें यदि करना भी पड़े तो खिड़कियां व दरवाजे खुले रखें जिससे हवा का आवागमन बना रहें और संक्रमण की आशंका कम से कम रहे। ताजी हवा आ सकने वाले कमरे को सोने के लिए इस्तेमाल करें।

रोज नहाना चाहिए। कमरा साफ-सुथरा रखें। कपड़े रोज बदलने चाहिए और रोज धोना चाहिए।

डॉक्टर के निर्देश व सलाह अनुसार ही दवाईयां समय पर लें। फेफड़ों को संक्रमण से दूर रखने व मजबूत रखने वाला आहार तथा योग प्रणायाम रोज का हिस्सा बना लें।

सांस लेने में तकलीफ नहीं है और लक्षण सामान्य है तो कोविड प्रोटोकोल की पालना करते हुए आईसोलेट हो जाना ही अच्छा है।

क्या फर्क पड़ता है ऐसी सोच को दूर रखें। चिकित्सक की सलाह अनुसार ही आहार-विहार पर ध्यान दें। आजकल इंटरनेट व व्हाट्सएप पर नए-नए ज्ञान बीमारी ठीक होने के लिए मिल तो जाते है लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग-अलग होती है। एक ही उपचार जरूरी नहीं कि सभी पर लागू हो।

वात-पित्त और कफ का संतुलन होना जरूरी है और इसी अनुरूप चिकित्सक चिकित्सा तय भी करते हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*