सेल्फ सजेशन नई ऊर्जा से भर देगा। जी हाँ ! काम ही पूजा है। भागदौड़ भरी जिंदगी में एक ओर काम का तनाव तो दूसरी ओर कोरोना का खौफ! लोग अब डर-डर के जीने लगे है जबकि किसी के हाथ में कुछ नहीं है। सब निश्चित है तो फिर डर व खौफ कैसे कम किया जाएं।

मुस्काराना शुरू कर दें। बिना बात ही मुस्कुराईए। अजीब लगेगा और झिझक भी होगी तो बेझिझक दिन में 10-20 बार बिना बात ही मुस्कुराईए। शर्म आती है तो कोई नहीं यह सोच कर ही मुस्कुरा लिजिए कि मास्क तो लगा ही रखा है कोई देख भी नहीं रहा है और बिना बात मुस्कुराने में भी अब शर्म कैसी। धीरे-धीरे इसी आदत से चेहरे पर हंसी खिलने लगेगी।

सुबह बिस्तर छोड़ने से पहले या रात को बिस्तर पर सोने से पहले अपने हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों पर बिन्दुओं पर दबाव दें साथ ही सोचते रहें कि इन बिन्दुओं पर दबाव से नस व नाड़ियों में प्राण ऊर्जा का प्रवाहन बहुत अच्छा हो रहा है और शरीर व मन का भारीपन खत्म हो रहा है। गहरी और अच्छी नींद अपने आप ही आने लगेगी।

सुबह सूर्योदय के समय छत पर ही स्थान व क्षमता अनुरूप योग, प्राणायाम व ध्यान करें। 10-15 मिनट की समय निकाल कर ध्यान में स्वयं को सुझाव दें और कल्पना करें कि ब्रह्मण्ड की सकारात्मक ऊर्जा व परमात्मा का आशीर्वाद मेरे शरीर की प्रत्येक कोशिका में प्रवाहित हो रहा है और मेरे चारों ओर एक सुरक्षा कवच बन गया है।

सकारात्मकता संदेश खुद को ही दे कि परमात्मा ने मुझे सुरक्षित रखा हुआ है। मैं सुरक्षित हूँ… मैं सुरक्षित हूँ…. मैं सुरक्षित हूँ। दो-तीन दिन के अभ्यास से ही सुखद अनुभूति होने लगेगी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार भीतर और बाहर चारों ओर होता दिखाई देगा।
नया आनन्द, आत्मविश्वास और नई उमंग पैदा होती दिखाई देगी।
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