कोरोना-बचाव के लिए मास्क कौनसा और कैसे लगाएं?
कोरोना से बचाव के लिए कपड़े के मास्क के बजाए सर्जिकल मास्क अधिक सुरक्षित है। सर्जिकल मास्क एक बार प्रयोग करने के बाद तुरंत फैंक देना चाहिए।
एन 95 मास्क भी बेहतर है इसके साथ सर्जिकल मास्क भी लगाना आजकल जरूरी सा हो गया है।

मास्क तीन लेयर वाला ही इस्तेमाल करना चाहिए।

मास्क को नाक ने नीचे या गले पर नहीं लटकाएं।
इस तरह से मास्क लगाए कि मास्क नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढ़क कर पैक कर दे।
मास्क ढ़ीला नहीं हो और कहीं से भी खुला या फटा हुआ नहीं हो। मास्क को बार-बार छूने से बचें।

भीड़ वाले स्थानों पर पहली बात तो जाने से बचे यदि जाना ही पड़ जाए तो मास्क को अपने नाक व मुंह से जरा भी नहीं हटने दें। डबल मास्क के साथ फेस शील्ड भी बचाव के लिए बेहतर साधन है।
डबल या ट्रिपल मास्क का प्रयोग करें और सर्जिकल मास्क को यहाँ-वहाँ नहीं फैंके इसे सुरक्षित रूप से फैंके जिससे अन्य कोई संक्रमित नहीं हो पाएं।
कुछ लोग सर्जिकल मास्क को भी साबुन और सर्फ से धोकर बार-बार काम में ले रहे हैं यह बिल्कुल गलत है। सर्जिकल मास्क को एक बार काम में लेने के बाद सुरक्षित रूप से फैंक दें।
बाहर से आने पर एन 95 मास्क को भी धोकर सुरक्षित स्थान पर या धूप में टांग दे। सेनीटाईज भी करके लटका सकते है। अधिक दिन तक एक ही एन-95 मास्क प्रयोग नहीं लेना चाहिए। 10-15 दिन में बदल लेना चाहिए।

कई लोग कपड़े के मास्क को कई दिन तक धोते ही नहीं है बल्कि मास्क को हर रोज सेनेटाईज करके काम में ले लेते है। ऐसा करना बिल्कुल गलत है। कपड़े के मास्क को बाहर से घर पर आने के बाद तुरंत साबुन या सर्फ से साफ करना चाहिए। धूप में सुखाना चाहिए। प्रेस करना चाहिए।
घर के सदस्यों में सबके लिए अलग-अलग मास्क रखें। ऐसा नहीं हो कि साबुन या सर्फ से तो धो ही लिया है। सबके मास्क एक जगह टांगना और उनमें से कोई भी मास्क उठा कर लगा लेना गलत है।
सिक्स लेयर मास्क भी आते है। यह मास्क एक ही लगा लेना काफी है।
मास्क को सही तरीके से लगाना और उतारना चाहिए।
मास्क बांधने समय डोरी या रबड़ अधिक ढ़ीला या टाईट नहीं रखें नही ंतो सिर के पीछे या कान के पीछे दर्द या दबाव महसूस होगा। मास्क नहीं लगाने के बहानों से बचिए सामाजिक जिम्मेदारी मानकर मास्क लगाएं और स्वयं तथा परिवार को सुरक्षित रखें।
Leave a Reply