जंक फूड छोड़िए इम्यूनिटी बूस्टर फूड खाईए

जंक फूड छोड़िए इम्यूनिटी बूस्टर फूड खाईए

आज बच्चों और युवाओं में जंक फूड का प्रचलन बाढ़ के जैसे बढ़ तो रहा है किंतु जंक फूड कई बीमारियों का कारण भी बन रहा है क्योंकि इसमें पूर्ण पोषण का अभाव पाया जाता है।

कोरोना काल में घर-घर में जंक फूड की मांग बढ़ चली है। महिलाएं दिन भर रसोई में बच्चों की मांग पर नित नई फरमाईशें पूरी कर रही है। बच्चों को पोषक तत्त्व युक्त भोजन के बजाए बाजारू भोजन या जंक फूड खाने की लालसा अधिक रहती है।

जंक फूड से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, साथ ही कई जटिल बीमारियां जैसेकि मोटापा, मधुमेह, वजन में वृद्धि, शारीरिक व मानसिक बीमारियों का कारण जंक फूड बन रहा है। इन सबसे बचने के लिए माता-पिता कई प्रकार के जतन तो करते हैं किंतु कई बार सफल नहीं हो पाते है तो ऐसा कुछ उपाय करें जिससे कि आवश्यक पोषक तत्त्व सुबह-सुबह ही प्रथम आहार में ही बच्चों के साथ परिवार के सभी सदस्यों को भी मिल जाएं-

रोज पाँच बादाम जरूर खाने से स्नायु तंत्र व मांसपेशियों का तनाव खत्म करता है। यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है साथ ही बादाम में स्थित विटामिन ई त्वचा व बालों की सुंदरता व चमक बढ़ाता है। रात को भिगोकर रखें सुबह खाएं।

अखरोट व सूखे मेवे खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा प्राप्त होती है। अखरोट व सूखे मेवे याददाश्त बढ़ाने के साथ बीमारियों से बचाव भी करते हैं। इनमें ओमेगा-3 और अन्य आवश्यक पोषक तत्त्व भी उपलब्ध होते हैं। रात को भिगोकर रखें सुबह खाएं।

गेहूँ के ज्वारे का रस रोज सुबह भूखे पेट सभी को लेना अच्छा है क्योंकि गेहूँ के ज्वारे का रस शरीर के खून से मिलता-जुलता है। गेहूँ के ज्वारे का रस पीने से भूख खूब लगती है।

मोटा अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का और जौ आदि का सेवन भोजन में जरूर करना चाहिए। मोटा अनाज में फेटी एसिड, कैल्शियम, अमीनों एसिड, फाईबर, विटामीन बी और दूसरे अन्य पोषक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। मोटा अनाज एंटी तत्त्वों से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से हृदय रोग भी दूर रहता है।

टमाटर विटामीन ए और सी से भरपूर होता है। इसमें लाइकोपीन एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है जो त्वचा को सनबर्न और कैंसर आदि रोगों से बचाता है।

साईट्रिक फल, संतरा, नीबू, आंवला, अंगूर, चीकू, आडू व अन्य फल आदि एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते है। इन सब में विटामीन और खनिज लवण पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

गुड़ व काला तिल एंटीऑक्सिडेंट होने के साथ इसमें आयरन और कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

एक ग्लास दूध में चुटकी भर हल्दी डाल कर रोज पीने की आदत डाल लेनी चाहिए साथ ही गाजर, कमल ककड़ी, मैथी, बींस, ब्रोकली, फूलगोभी, मूली, चुकंदर व मौसमी हरी सब्जियां भी भरपूर मात्रा में खाई जानी चाहिए क्योंकि इनके द्वारा पर्याप्त कैल्शियम और पोषण मिलने से त्वचा की झुर्रियों से बचाव होता है और त्वचा कांतिमय होती है। हड्डियों व दांतों के विकास और मजबूती लिए कैल्शियम बहुत आवश्यक है।

एक सेब रोज खाना चाहिए जिससे भूख खूब खुलकर लगती है और पाचन तंत्र दुरूस्त रहता है। जब खाना नहीं पचने की समस्या हो तब एक सेब जरूर हर रोज खाना चाहिए।

अलसी में मौजूद ओमेगा-3 और लिगनान त्वचा, हड्डियों और बालों को पोषण प्रदान करता है और दिल की बीमारियों से दूर रखता है। अलसी का प्रयोग सूप, सब्जी में डाल कर या भून कर खाने में प्रयोग किया जा सकता है।

यह सब आहार उपलब्धता अनुसार कुछ दिन सेवन करने से जंक फूड के प्रति अरूचि पैदा होने लग जाती है। कम से कम आहार के एक समय तो इनमें से जो भी उपलब्ध हो शामिल कर ही लेना चाहिए जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रह सकें।

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