लोग पैदल चलना भूलकर दिल के रोग ले रहे हैं
मिलावटी खानपानए दूषित हवा और जीवशैली कहीं हमारा दिल तो कमजोर नहीं कर रही है। जी हाँ! तनिक भी पैदल चलना हो तो चेहरे पर मायूसी सी छा जाती है।
भागती दौड़ती जिंदगीए दूषितए मिलावटी खानपान और बिगड़ती जीवनशैली के साथ प्रदूषित हवा यह सब दिल को कमजोर बना रहा है। ऐसी स्थितियों में कम उम्र में ही दिल संबंधी बीमारियां बच्चों को भी लग रही है।
आजकल पैदल चलने के बजाए छोटे.छोटे कामों के लिए वाहन का प्रयोग किया जाता है। अधिकतम टीवी के आगे बैठे रहनाए घर के छोटे.मोट काम भी बाईयों के भरोसे छोड़ देना और बाहरी कार्यों के लिए भी पैदल चलने से कतराते है तब ऐसी स्थिति में शारीरिक तंत्र पूरी तरह से गड़बड़ा जाता है।
25 वर्ष की उम्र के बाद ही आजकल महिला व पुरूषों को दिल के रोग होने लगे हैं। बैठना अधिक हो रहा है और चलना बहुत कम हो रहा है इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए चलते रहिए।
लिफ्ट का इंतजार कर 5 मिनट तक कर लेंगे किंतु सीढ़िया नहीं चढ़ेंगे ऐसी आदत छोड़ना अच्छा है और सीढ़ियों का प्रयोग अधिक करें।
छात्रों में हाईपरटेंशन के कारण दिल की बीमारियां बढ़ रही है। छात्रों को ध्यान व वर्कआउट रोज करना चाहिए।
अधिक उम्र में शादी होने के कारण उनके बच्चों में दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। सेेहत के प्रति हर उम्र में जागरूक रहना चाहिए।
छोटे.छोटे कार्यों से बचने के लिए एक जगह चिपक कर बैठे रहना ठीक नहीं है बल्कि चलने व उठने के मौके ढूंढ़िए जिससे सेहत अच्छी बनी रह सकें।
रोज 30 मिनट तो चलना ही चाहिए। प्रातः तथा सांय कुछ मिनट ही सही मौसम अनुरूप भ्रमण करना ही चाहिए।
संतुलित जीवन.शैलीए योगए उचित खानपान व संतुलित व्यायाम आदि से दिल के रोगों से बचा जा सकता है।
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