बन्द कमरें में हीटर नहीं बल्कि खुले में अलाव तापें
ठिठुरन से बचने के लिए हानिकारक हीटर के प्रयोग के बजाए देशी तरीका अलाव तापना अधिक अच्छा है। ठिठुरन से बचाने के साथ ही साथ इसके शारीरिक, मानसिक, व्यवहारिक व सामाजिक फायदे भी ज्यादा है।
जी हाँ!
अलाव के लिए सामाजिक रूप से बाहर निकलिए। मिलकर अलाव तापने से हाथ-पैरों तथा शरीर में ही नहीं बल्कि रिश्तों में भी गरमाहट आती है। रिश्तों और संबंधों को सुदृढ़ करने का सरल उपाय है मिलकर अलाव तापना। पड़ौसी रिश्तों तथा संबंधों को यहाँ परिपक्व करने का सबसे सस्ता मौका है। आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कुछ पल सुकुन से बिताने, प्रेम मय वार्तालाप, सौहार्दता तथा परस्पर सामंजस्यता का आदान-प्रदान करने का सुंदर अवसर मिलता है। रोम-रोम आनंदित करता है।
व्यस्तम जीवन में कुछ क्षण सुख-दुःख व खुशी सरलता से बाँटी जा सकने का सरल माध्यम है खुले आकाश के नीचे मिलकर अलाव तापना। अपनों से निकटता का सुखद अनुभव मिल पाता है। सर्दी में जहाँ कोई बाहर निकलना ही पसंद नहीं करें एक बार खुले आकाश के नीचे अलाव जलाकर अपनों को प्रेम से आमंत्रित तो करिए। आप देखेंगे कोई इसके लिए ना नहीं कहेगा बल्कि सबके कदम बढ़ेंगे और साथ ही साथ माधुर्यता पनपकर प्रेम ही बढ़ेगा।

कड़कड़ाती सर्दी में ठण्ड से बचाव के लिए हीटर नहीं अलाव जलाना बेहतरीन तरीका है। उपले (गोबर के कंडे), सूखे पत्ते, कीकर, जाटी, खेजड़ी या अन्य लकड़ी जोकि अधिक धुआं नहीं करती हो अलाव तापने के लिए प्रयोग मंे ली जा सकती है। अलाव धुंआ रहित होना चाहिए।
कपड़े इत्यादि संभाल कर रखते हुए अलाव तापते समय अलाव से कुछ दूरी बनाकर बैठना चाहिए।
अलाव की ताप ठण्ड की ठिठुरन कम करके रक्त संचार का प्रवाह संतुलित करता है। खुले में अलाव तापना हानिरहित है।
अलाव ठण्ड का प्रभाव कम करता है किन्तु ध्यान रखें कि अलाव कभी भी बंद कमरे में जलाकर ताप नहीं तापें। बंद कमरे में यदि अलाव या हीटर तपना ही है तो कुछ मिनट ही अलाव जलाकर रखें और कमरा गर्म होते ही अलाव कमरे से बाहर कर दें क्योंकि इनके निकलने वाली कॉर्बनडाईऑक्साईड व अन्य विषैली गैसें स्वास्थ्यकर नहीं है। कमरे में धुंआ नहीं होने दें। अधिक देर तक बंद कमरें में अलाव या हीटर रखना दम-घोंटू स्थिति जनक हो सकता है।
रात भर सिगड़ी में कोयले जलाकर या परात में कोयले या अन्य का अलाव जलाकर बंद कमरे में रखकर कभी सोना नहीं चाहिए। इससे निकलने वाला धुंआ और विषैली गैस स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होती है और जानलेवा भी हो सकती है।
ज्वलनशील पदार्थों व वस्तु के आस-पास अलाव कभी नहीं जलाए।
बंद कमरे में हीटर के अधिक प्रयोग से शरीर में पानी की कमी तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। हीटर से निकलने वाली गैस स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद नहीं होती है।
बंद कमरों में हीटर का प्रयोग से फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी, श्वसन तंत्र जनित रोग, रासायनिक दुष्प्रभाव तथा त्वचा में सूखापन आने की संभावना अधिक रहती है।
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