जब गर्मी सताएं ये करें बिल्कुल सरल उपाय
जब गर्मी सताएं ये करे सरल उपाय
चन्द्रभेदी प्राणायाम करें। दाई नाक बंद करके बाईं नाक से दीर्घश्वास श्वास लंे व दीर्घश्वास छोड़े।
आँखें बंद करके केवल पाँच मिनट पूरे शरीर पर श्वेत रंग का ध्यान करें।
पुदीना का रस व कुंजा मिश्री का सेवन करें।
बिल का रस पीएं।
इलायची व सौंफ का शबर्त पीएं।
जीरा, कालीमिर्च व इलायची का शर्बत पीएं।
ठण्डा कटिस्नान करें।
पेट पर मिट्टी लपेट लें।
नीबू पानी पर्याप्त मात्रा में ग्रहण करें।
फालसा का सेवन रस या फल खाकर करें साथ कुंजा मिश्री मिला सकते हैं।
चौलाई का रस व सब्जी का सेवन हितकर है।
खीरा गर्मी के सारे दोष समाप्त करता है। खीरा की प्रकृति भारी होने के कारण इसे संतुलित मात्रा में लेना चाहिए अन्यथा पेट में गैस पैदा करेगा।
जामुन गर्मी शांत करने वाला फल है। पाचन तंत्र को जामुन मजबूती प्रदान करता है। पाचक रसों की मात्रा बढ़ाता है जिससे भूख खुल कर लगती है।
गर्मियों में गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए गन्ना रस का प्रयोग किया जाना चाहिए।
नीम की 5 ग्राम पत्तियों का रस निकाल कर ऐसे ही या मिश्री मिलाकर शर्बत की तरह पीने से शरीर की गर्मी का उबाल शांत हो जाता है।
लौकी का रस पेट व दिमाग की गर्मी शांत करती है।
सेब और सेब का रस गर्मी और खुश्की दूर करने वाला है।
गुलकंद पेट व आंतों की गर्मी शांत करता है।
भुनी हुई केरी का लेप शरीर पर लगाने से गर्मी का प्रभाव कम होता है।
लौकी का रस पेट व दिमाग की गर्मी शांत करती है।
आम को खाने से पहले ठण्डे पानी में रखें जिससे इसकी गर्मी निकल जाती है।
गर्मियों के मौसम में प्याज का सेवन करना चाहिए।
तरबूज व खरबूजा का सेवन प्रातः करें शाम को नहीं और इनके सेवन के तुरंत बाद ही पानी, दूध, छाछ या अन्य तरल पदार्थ नहीं लें कम से कम आधा घंटा का अंतराल रखें अन्य ठोस आहार और फल आदि साथ ले सकते हैं।
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