सही किस्म का व्यायाम का चयन करें
शरीर की प्रकृति के अनुसार ही व्यायाम व योगाभ्यास किया जाना चाहिए। यदि कुछ व्यायाम शरीर के अनुकूल नहीं हो पाते है तब जबरदस्ती देखादेखी व्यायाम नहीं करना चाहिए। लाभ के बजाए हानि अधिक हो सकती है।

व्यायाम व सही भोजन आपकी जिन्दगी बदल सकता है। व्यायाम व योग करना भी लम्बे जीवन के लिए बीज बोना है।
योगाभ्यास व व्यायाम आदि करने से शारीरिक समस्याओं से होने वाली मृत्यु की जोखिम का स्तर 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
70 प्रतिशत लोग एक वर्ष के भीतर ही कसरत आदि छोड़ देते हैं। क्या करें? समय ही नही मिलता! ऐसे विचार छोड़िए और शरीर तथा स्वास्थ्य के हिसाब से सही व्यायाम व योग का चयन करिए।
कमजोर पाचन शक्ति वाले व्यक्ति तेज गति के व्यायाम व योग अधिक करें जैसेकि तेज गति से भ्रमण, दौड़ना, साईक्लिंग या ऐरोबिक्स आदि करें। ऐसा करने से पाचन क्रिया सक्रिय हो उठती है और मंदाग्नि रोग दूर भाग जाता है जिंदगी भर भूख लगने की दवा लेने की जरूरत नहीं।
तेज पाचन शक्ति वाले व्यक्ति तेज गति के व्यायाम व योग से बचें। ऐसे व्यक्तियों को धीमी गति की कसरतें जैसेकि हल्का-फुल्का योग, तैरना व भ्रमण आदि किए जाएं।
घंटों टीवी, मोबाईल या अखबार के दायरे से खुद को थोड़ी देर के लिए बाहर निकालिए। कभी-कभी लगता है कि काम कौड़ी का नहीं है फिर भी फुर्सत घड़ी भर भी नहीं।
अपनी आदतों में बदलाव करिए चारों ओर आनन्द ही आनन्द की गूंज झृंकत होने लगेगी।
10 मिनट का योग या व्यायाम भी आपको शारीरीक व मानसिक अच्छा स्वास्थ्य दे सकता है।
अधिक से अधिक पैदल चलने का प्रयास कीजिए और अच्छा स्वास्थ्य हासिल कीजिए।
कसरत करते समय बोरियत महसूस होने की स्थिति नहीं आने दें। भोजन के साथ सही योग तथा व्यायाम भी चुनिएं और जीवन को जीवन्त बना डालिए।
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