बच्चों के कमरे को बनायें उनकी रंगीन दुनिया
रंगो का प्रभाव बच्चों के व्यवहार पर पड़ता हैं. बच्चों को ऊर्जावान बनाने के लिए उनकी जरूरत के मुताबिक रंगों के प्रभाव में रखना चाहिए। आज के बच्चे वाइब्रेंट कलर ज्यादा पसंद करते हैं.


बच्चों के bedroom को गुलाबी, हरा, लाल, नीला या नारंगी रंग से भी रंगा जा सकता हैं। लाल और नारंगी रंग उत्तेजना प्रदान करता हैं. ये रंग ऊर्जा प्रदान करने वाले होते हैं. उत्पाती बच्चों के दिमागी शांति के लिए गुलाबी या हल्का नीला रंग से इनके सोने के लिए कमरा तैयार करें। अच्छा प्रभाव कुछ ही दिनों में दिखाई देगा।
कमरे की दीवारों पर बच्चों की पसंद की वाटर प्रूफ चित्रकारी उकेरी जानी चाहियें।
बैडरूम मे ठूँस ठूँस कर सामान नहीं रखें। अलमारी, बिस्तर, पलंग, टेबल, बुक शेल्फ आदि खाली रखना चाहियें।
कमरे में कॉर्नर्स भी पूरें प्रयोग में आयें इन्हे भी रंग बिरंगा होना चाहियें।
लाइट्स, लैम्प्स भी अलग अलग शेप में लगवाई जा सकती हैं। रौशनी की समुचित वयवस्था हो. उछलते कूदते बच्चों के लिए फ्लोरिंग कारपेटिंग या वुडेन फ्लोरिंग अच्छा और सुरक्षित है। बच्चो में रचनात्मकता के विकास के लिए इनके लिए कमरे में एक कोना रचनात्मकता के संग्रह के लिए जरूर रखें। बोर्ड पर बच्चा अपनी बनाई हुई चीज़ो को लगाकर ख़ुशी महसूस करता हैं। इन्हे देख कर और अच्छा प्रयास करने की लगन और जोश पैदा करता हैं।
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