योग, आसन और व्यायाम: प्रारम्भ करने से पहले कुछ सावधानियाँ जरूर रखें
सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें।
योगासन से पूर्व स्नान करना सोने पर सुहागा रहता है।

शांत, खुली और हरी-भरी जगह करना मन को अद्भुत शक्ति प्रदान करता है।
व्यायाम के बाद मालिश करना बहुत अच्छा है।
चुस्त और भारी कपड़ों का प्रयोग योगासन के दौरान नहीं करें।
योगासन के लिए एक ही आसन को सदैव प्रयोग करना चाहिए। समय तथा आसन निश्चित रहने चाहिए।
तनाव, क्रोध, ईर्ष्या व द्वेष की स्थिति में योगासन नहीं करें। मन शांत व निर्मल रखें।
प्रत्येक आसन में लगभग 30-40 सैकण्ड रूके।
श्वास-प्रश्वास के प्रति सजग रहने से ही योगासन का सही तरीके से पूर्ण लाभ मिलता है।
मासिक धर्म के दौरान योगासन एवं व्यायाम आदि से दूर रहें, ध्यान किया जा सकता है।
शरीर की क्षमता से अधिक तनाव देकर योगासन नहीं करें। प्रारम्भ में मांसपेशियों में दर्द व तनाव हो
सकता है किंतु धीरे-धीरे दर्द आदि समस्याएं समाप्त हो जाती है। सहजता से करें जबरदस्ती नहीं करें।
योग प्रशिक्षक की दिशा-निर्देश में ही योग क्रियाएं की जानी चाहिए।
संतुलित भोजन लेने की आदत डालें। चाय, काफी, तले भुने आहार, धूम्रपान, तम्बाकू व शराब आदि से दूर रहें।
योगासन के तुरंत पहले व बाद में आहार नहीं लेना चाहिए। तीन घंटे का अंतराल रखना चाहिए। योगासन के बाद मीठे फलों का रस लेना अच्छा है। भोजन के कुछ समय बाद ही वज्रासन किया जाना सर्वोत्त्म है।
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