ग्रीन टी पीने से पहले जान लें कि मोटापा व वजन कम करने के लिए आजकल ग्रीन टी का चलन बहुत चल पड़ा है। ग्रीन टी के फायदे होने के साथ इसमें कुछ ऐसे तत्त्व विद्यमान रहते है जो शरीर के लिए नुकसान कारक हो सकते हैं इसलिए ग्रीन टी की संतुलित मात्रा सही समय पर ही लेनी चाहिए। ऐसा न हो कि मोटापा व वजन कम करने के लिए दिन भर में 5-6 बार ग्रीन टी का सेवन करते जाएं यह सोचकर कि यह कोई नुकसान तो करती नहीं है लेकिन सत्य तो यह है कि इसका अधिक सेवन भी कई रोगों को जन्म दे सकता है क्योंकि एक कप ग्रीन टी में लगभग 25 एमजी कैफीन होता है।

कैल्शियम के अवशोषण में कमी करता है
कैल्शियम की अधिक कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है जिसे ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति कहा जाता है। अधिक व गलत तरीके से ग्रीन टी पीने से शरीर में कैल्शियम का भलीं प्रकार इस्तेमाल नहीं होता और शरीर से बाहर निकल जाता है।
आयरन के अवशोषण में कमी करता है
कैटेनिन शरीर में आयरन को अवशोषित होने में अवरोध पैदा करता है। ग्रीन टी में कैटेनिन तत्त्व होता है। यदि ग्रीन टी पीने की चाह रखते है तो इसे दो भोजन के बीच में ही लेना चाहिए। भोजन के साथ कभी भी ग्रीन टी नहीं लेनी चाहिए बल्कि भोजन में पौष्टिक तत्त्वों के साथ कैल्शियम और आयरन भरपूर लेना चाहिए।
गर्भस्थ व नवजात शिशु के लिए नुकसान दायक है
स्त्रियों को गर्भावस्था के दौरान कम मात्रा में ही ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए क्योंकि अधिक सेवन गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुँचा सकता है। कैफीन का अधिक सेवन गर्भस्थ शिशु व माँ दोनों के लिए अच्छा नहीं होता। प्रसवोपरांत नवजात शिशु जब माँ का दूध पीता है तो माँ के दूध के साथ कैफीन भी शिशु तक पहुँचता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए दिन में दो भोजन के बीच एक-दो कप ग्रीन टी लेना ठीक रहता है।

भूखे पेट लेना-अनेक रोगों का कारण बन जाता है
दिन भर में यदि आप चार-पाँच कप ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो रूक जाएं। ग्रीन टी का सेवन सीमित मात्रा में करना अच्छा है अन्यथा कब्ज, नींद नहीं आना, सिर दर्द, घबराहट, चक्कर आना, मधुमेह, अम्लता व जलन जैसे शोथ प्रकट हो सकते हैं। भूखे व खाली पेट ग्रीन टी का सेवन करने से बचें।
ग्रीन टी के साथ औषधियां नहीं लेना स्वास्थ्यवर्द्धक है-
ग्रीन टी में स्थित कैफीन नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। कैफीन उत्तेजक होता है और कुछ दवाओं के साथ ग्रीन टी लेने से नर्वस सिस्टम बुरी तरह प्रभावित होता है। असंयमित मात्रा उच्च रक्तचाप रोग भी पैदा कर सकता है।
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