कमर दर्द : कारण और सरल उपचार I Waist Pain : Causes and Simple Remedies.

कमर दर्द: कारण और सरल उपचार

बच्चे, युवा व वृद्ध सभी कमर दर्द की शिकायत करते हैं। बच्चों में कमर दर्द का कारण व युवा व वृद्धों में कमर दर्द का कारण भिन्न-भिन्न होता है। दुर्घटनाओं के चलते हड्डी वगैरह टूट जाने या चोट लग जाने पर डॉक्टर के दिशा-निर्देश में इसका उपचार हो सकता है।

आज वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत लोग कमर दर्द से पीड़ित हो रहे है इसका मूल कारण बदलती असंतुलित जीवन शैली है।

कमर दर्द के कारण-

परिश्रम व शारीरिक श्रम का अभाव।

पोषक व संतुलित आहार का अभाव।

घंटों एक ही जगह एक ही स्थिति में बैठे रहना।

ऊँची ऐडी के जूते-चप्पल व सैंडल अधिक समय तक पहने रहना।

कमर दर्द के प्रति लापरवाही व अनदेखी करना और जीवनशैली असंतुलित रखना।

नए फैशन व संसाधनों के चलते आलस्य पूर्ण जीवन जीना।

बच्चों में कमर दर्द का मूल कारण बस्ते का बोझ है। घंटो स्कूल व ट्यूशन में अध्ययन व टीवी देखना और बाहरी खेल आदि से खुद को वंचित रखना।

महिलाओं में मासिक चक्र, लगातार एक जैसी स्थिति में घरेलू काम करने, अधिक डायटिंग करना, वजन में लगातार वृद्धि, गलत खान-पान व गलत जूते व चप्पल आदि का चयन लघु या दीर्घ अवधि तक कमर दर्द का कारण बना रह सकता है।

सरल प्राकृतिक उपचार

कमर दर्द को दवाईयां पूरी तरह ठीक नहीं कर सकती है। केवल कुछ समय के लिए अस्थाई राहत दे पाती है।
एक ही स्थान पर घंटों बैठे नहीं रहें।

गद्देदार या फोम के गद्दों का अधिक प्रयोग नहीं करें।

धूप का सेवन जरूर करें।

वाहन की सीट पर अधिक ध्यान दें। कमर व बैठने के अनुकूल हो।

कमर व हड्डियों में दर्द से बचने के लिए उठने-बैठने व चलने की शारीरिक मुद्राओं के प्रति सचेत रहें।

जुकाम, बुखार, सांस व खांसी आदि से पीड़ित लोग कमर दर्द की शिकायत अधिक करते हैं।

बच्चों के बस्ते का जहाँ तक हो सकें कम रखें। बैग चौड़ी पट्टी वाला हो साथ ही एडजेस्टेबल वाला हो। बच्चों की साईकिल की सीट अनुकूल हो। बच्चों को पोषक आहार दें।

नियमित रूप से पैदल चलें।

झुककर नहीं सीना तानकर चलिए।

कमर की सूक्ष्म यौगिक क्रियाएं करें।

अधिक समय तक कुर्सी या स्टूल पर झुककर नहीं बैठें।

शारीरिक श्रम जरूर करें इसमें बिल्कुल आलस्य नहीं करें।

श्रम करने से मांसपेशियां मजबूत हो पाती है।

बिस्तर सीधा व सपाट होना चाहिए। रूई का साधारण पतला गद्दा सोने के लिए प्रयोग में लेना बहुत अच्छा है।

अधिक वजन नहीं उठाएं और गलत तरीके से नहीं झुकें।

चलते व बैठते समय रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।

बिस्तर पर लेटे-लेटे ही टीवी या किताब आदि नहीं देखें।

एक पैर पर नहीं दोनों पैरों पर सीधे खड़े होने का अभ्यास करें।

ध्यान रखें कि कमर दर्द व पीठ दर्द का स्थाई इलाज पोषक युक्त आहार व सूक्ष्म यौगिक क्रियाएं तथा संतुलित जीवन-शैली ही है।

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