कंगारू केयर बच्चे को स्वस्थ बनाएं Kangaroo Care make baby healthy

कंगारू केयर बच्चे को स्वस्थ बनाएं

जीवन जीने के सभी तरीके प्रकृति सीखा देती है। कंगारू एक बहुत समझदार जीव है शिशु के लालन-पालन की व्यवस्था ये भलीं-भांति सीखा और समझा देते है। इसी के सन्दर्भ से कंगारू केयर शुरू हुई है। यह कंगारू थैली के समान है।


नवजात शिशु और माता-पिता के बीच स्पर्श अर्थात् त्वचा से त्वचा का सम्पर्क को कंगारू केयर कहा जाता है। यह तकनीक विशेषतः कम वजन या प्री-टर्म शिशुओं के पालन के लिए मददगार होती है। माता-पिता नवजात शिशु को कई घंटे अपने हाथ में रख सकते हैं। कंगारू केयर नाम उन मारसुपायल्स जानवरों से दिया गया है जोकि अपने बच्चों को अपने शरीर के साथ लगाकर रखते हैं।

नवजात शिशु को माता-पिता के सीने से लगाकर रखा जाता है। एक दिन में चार-पांच घंटे 20-25 मिनट के लिए इस प्रकार पकड़ा जाता है कि शिशु की पीठ को एक कंबल या माता-पिता के कपड़े से ढ़का जाना चाहिए और शिशु बिल्कुल माँ या पिता के सीने से चिपका रहें अर्थात् त्वचा से त्वचा का सम्पर्क रहें।


इस प्रकार देखभाल करने से शिशु बिल्कुल स्वस्थ रहता है, उसकी हृदय एवं श्वास गति सामान्य रहती है। शिशु को नींद अच्छी आती है और स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। शिशु स्वस्थ, तंदुरूस्त और खुश रहता है। माता-पिता के दिल की धड़कन सुनने से शिशु को आराम महसूस होता है और माता-पिता व शिशु में स्नेह पल्लवित होता है।

अनेक शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि कंगारू केयर सी ममता माता-पिता से मिलने पर अर्थात् जन्म के बाद शिशु को कंगारू की तरह शरीर से सीधे चिपकाकर रखने से समय पूर्व जन्म लेने वाले शिशुओं की विकलांगता एवं मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है साथ ही संक्रमण और अन्य रोगों का प्रभाव कम पाया जा सकता है। कंगारू केयर बच्चे को स्वस्थ बनाएं ।


कंगारू केयर जैसा सरल उपाय शिशुओं को स्वस्थ एवं पुष्ट रखने में बहुत मददगार साबित होता है।

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