अधिनस्थों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए टीम लीडर क्या करें?

कुछ कर्मचारी जैसा चल रहा है चलने दो के चलन में अधिक जीते है उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता है कोई कैसे बेहतर काम कर सकता है। काम को बेहतर बनाने के लिए पहल कभी नहीं करते हैं। ऐसे कर्मचारी सुरक्षित रहने के जाल में फंसे रहते है और इनके कार्य शैली की वजह से टीम के अन्य सदस्यों की कार्य क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। तब ऐसे कर्मियों के लिए एक टीम लीडर को क्या कदम उठाने चाहिए-
सुरक्षित भावना वाले कर्मियों को कंपनी का विजन बार-बार समझा कर प्रेरित करना होगा।
काम में रूचि पैदा हो ऐसी स्थितियां टीमलीडर व सदस्यों के मध्य होनी चाहिए।
प्रताड़ना और तिरस्कार के बजाए प्रोत्साहन की भावना से कार्य के प्रति जागरूकता लानी चाहिए।
सभी के लिए नियम व कानून बराबर रहें और पक्षपात रहित माहौल में कार्य क्षमता बेहतर होती है। पक्षपात का अनुभव होने पर कार्य क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और कर्मी चुस्ती के साथ कार्य करने से कतराने लगता है।
ऐसे कर्मियों के लिए उचित अपेक्षाएं सेट कर देनी चाहिए जिससे कार्य के बेहतर परिणाम सामने आने लगते है।
टीम लीडर पर सभी कर्मी विश्वास कर सकें ऐसी शैली अपनानी चाहिए जिसके लिए बीच-बीच में कर्मियों से संवाद जरूर होते रहना चाहिए। कैरियर और परफॉर्मेंस के साथ कुछ एक व्यक्तिगत मुद्धों पर भी चर्चा और संवाद कार्य मंे सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिला सकता है और अधिनस्थों को मानसिक रूप से तनाव रहित परिस्थिति रख कर स्वस्थ रख सकता है।
कहीं सुनी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। प्रत्यक्षतः कर्मी को समझने व जानने का भी प्रयास किया जाना चाहिए क्योंकि कई बार ईर्ष्या, द्वेष या कुण्ठा के चलते टीम लीडर तक अन्य स्रोतों से प्रसारित हुए शब्द किसी कर्मी के प्रति नकारात्मक व सकारात्मक भावनाएं प्रवाहित कर देने में सफल हो जाते है जिससे कार्य क्षमता और व्यक्तित्व पर उसी अनुरूप प्रभाव पड़ता है जिसके कारण कार्य एवं लक्ष्य दोनों ही बाधित होते हैं। कर्मियों को प्रतिस्पर्धा के दौर के बारे में बताएं कि सुस्ती से कंपनी और वे सब पिछड़ सकते हैं।
टीम लीडर को सदैव आलोचना करने से बचना चाहिए। टीम लीडर को चाहिए कि वह कर्मियों को उन तथ्यों से अवगत कराएं जिन्हें कर्मी नहीं जानते है और किस वजह से कर्मी गलत काम कर रहे हैं।
प्रेरणा व सहयोग सुस्त से सुस्त कर्मी को भी जागरूक और सक्रिय बना सकता है। कर्मी जरूरी बातों पर उत्साहित होकर फोकस कर सकें इसके लिए उसे स्वयं जिम्मेदारी उठाने की भावना से प्रेरित करना चाहिए।
संतोषजनक कार्य की पूर्णता के पश्चात् कर्मी के लिए प्रेरणा स्वरूप सकारात्मक शब्दों के साथ सभी टीम मेम्बर्स के सामने कर्मी द्वारा किए गए अच्छे कार्य के लिए प्रोत्साहन व खुशी के साथ संवाद करना चाहिए ना कि उसे हतोत्साहित करके क्रेडिट अन्य कर्मी के सिर मढ़ना चाहिए। ऐसा करने से सक्रिय व्यक्ति भी धीरे-धीरे कार्यों की अवहेलना करने में ही अधिक रूचि लेने लगता है साथ ही मानसिक रूप से स्वयं को प्रताड़ित अनुभव करके निरंतर तनाव ग्रस्त रहने लगता है जिसका बुरा प्रभाव उसके ष्शारीरिक तंत्र तथा साथ ही कंपनी के लक्ष्यों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
सुस्त व संतुष्ट कर्मी के लिए टीम लीडर को चाहिए कि ऐसे व्यक्ति के लिए दिशा-निर्देश के साथ छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर देने चाहिए।
कंपनी की अच्छी सफलता व लक्ष्य प्राप्ति के लिए कर्मी के कार्यों में आने वाली छोटी-छोटी बाधाओं को दूर हटाने की कोशिश की जानी चाहिए और अपना बेस्ट आउट कम देने के लिए कर्मी को चुनौतियां भी देनी चाहिए।
फीड बैक में कर्मचारी का चिट्ठा खोलना ठीक नहीं।
टीम लीडर को कर्मचारियों के बारे में नेगेटिव मार्किंग से बचना चाहिए। टीम लीडर को कभी नकारात्मक मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए अन्यथा टीम लीडर को अधिक काम करना पड़ सकता है।
टीम लीडर को चाहिए कि कर्मियों के लिए सख्त और स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
अधिनस्थों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए टीम लीडर को कर्मियों की ताकत पर फोकस करना चाहिए नाकि उनकी कमजोरियों व पारम्परिक प्रदर्शन समीक्षा के साथ समस्याओं पर कभी फोकस नहीं करना चाहिए।
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