एल्यूमीनियम कहीं आपको बीमार तो नहीं कर रहा है
पार्टी, शादी, क्रार्यक्रम व अन्य बड़े समारोह में खाने की प्लेट उठाने से पहले रसोई व भोजन सामग्री की तैयारी पर नज़र जरूर डाल लें। भोजन बनाने के काम में आने वाले 50 प्रतिशत से अधिक बर्तन एल्यूमीनियम के ही होते हैं जोकि जाने-अनजाने कई जटिल बीमारियां श्रंख्ला में परोस रहे हैं।
विभिन्न अध्ययन तथा शोध में वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि की जा चुकी है कि एल्म्युनियम के बर्तन का उपयोग नुकसान ही नुकसान करता है। यह शरीर से आयरन व कैल्शियम सोंख लेता है जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती है, मानसिक और शारीरिक बीमारियां पनप जाती है। नियमित एल्यूमीनियम के बर्तनों का भोजन पकाने व खाने में प्रयोग आस्टियोपोरोसिस, हड्डियों में नाजुकता, उदासी, नीरसता, वातरोग, टीबी, अल्जाईमर, गुर्दे, आंत तथा रक्त विकार आदि प्रकट हो सकते हैं। स्नायु तंत्र, अस्थमा, दमा, वात तथा मधुमेह जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
एल्यूमीनियम धातु का बर्तन घर, बाहर, रेस्टोरेंट व होटल्स आदि में भी बहुतायत प्रयोग किया जाता है। सस्ते एल्यूमीनियम के बर्तनों का भोजन पकाने व भोजन करने में प्रयोग से इसके सूक्ष्म कण स्नायु तंत्र में पहुँचकर मानसिक रोग उत्पन्न कर देते हैं। एल्यूमीनियम की पन्नी का प्रयोग विशेषतः टॉफियां, चटनी व खट्टे पदार्थों पर प्रयोग करने पर हानिकारक दुष्प्रभाव सामने आते हैं।

फायल शीट में गर्म-गर्म खाना या लंच पैक बंद करने का फैशन सा चल पड़ा है किन्तु यह जानलेवा भी हो सकता है। एल्यूमीनियम धीमा जहर है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास को अवरूद्ध करता है। भोजन बनाने व खाने के लिए इस घटिया धातु के प्रयोग से बिल्कुल बचना चाहिए। यह भोजन के साथ रक्त व अंगों में पहुँचता है और शरीर से पूर्णतः बाहर नहीं निकल पाता है। इसके प्रयोग से बिल्कुल बचना चाहिए। सस्ते एल्यूमीनियम के बर्तनों का भोजन पकाने के लिए प्रयोग बंद करना चाहिए।
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