वाइरल का पेटर्न बदल रहा है सावधान रहें |
विशेषतः बच्चो को बुखार होने पर लापरवाही बिल्कुल नहीं करें | सामान्यतः तीन से पांच दिन चलने वाला बुखार इस समय लम्बा चल रहा है | बच्चों को तेज बुखार के साथ खांसी और जुकाम की भी शिकायत आ रही है | इसे कोविड मानकर घबराने की जरूरत नहीं है | सावधानी बरतनी चाहिए |

अभी बच्चो में वाइरल, डेंगू , स्क्रब टाई फाई फैल रहा है | तीन से चार दिन तक यह बुखार रहता है फिर उतर जाता है |यदि तीन चार दिन तक बुखार नहीं टूटे और 103 डिग्री बुखार बना रहे तब कोविड के जाँच जरूर करवानी चाहिए, यदि कोविड नेगेटिव आए और बुखार भी रहे तब यह डेंगू बुखार का खतरा हो सकता है |
अभी जो बुखार चल रहा है उसमे एक बार बुखार पूरी तरह ठीक हो जाने पर फिर दुबारा बुखार उठ रहा है, तीन या चार दिन से अधिक बुखार रहने पर डेंगू या एम आई एम सी का टेस्ट करवाना चाहिए | चिकित्सक की देखरेख व दिशा निर्देश अनुसार सी आर पी, डी डायमेर, टी एल सी टेस्ट करवाएँ |

गंभीर स्थिति से बचने के लिए बच्चो तरल पदार्थ अधिक से अधिक पिलाएँ, नाक से नकसीर , मसूड़ों और मुहँ से खून आना, पेशाब का रंग लाल होना या काली लेट्रिन होना यह सब लक्षण आने पर डॉक्टर को तुरंत दिखायें | त्वचा पर लाल निशान या दाग , नॉन स्पेसिफिक खांसी व जुकाम होने पर वायरल पैनल टेस्ट करवाएं जिससे मालूम चल जाए कि किस तरह का वायरल है |
वाइरल पेटर्न बदल रहा है | बच्चो को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले आहार खिलाएं | एसी, कूलर और ठण्ड से बचाव करें| डेंगू में बुखार 103 -104 डिग्री रहता है , एक सप्ताह तक प्लेटलेट्स कम बने रहते है |

प्लेटलेट्स कम होने पर घबराना नहीं चाहिए यह पांच या सात दिन बाद खुद ब खुद दोबारा बढ़ जाती है | ४०००० तक प्लेटलेट्स रहने पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है |

न्यूट्रीशियन फ़ूड बहुत जरूरी है, विटामिन, प्रोटीन, खनिज लवण, वसा, कार्बोहाइड्रेटस के साथ पानी पीने में भी कोताही नहीं बरतनी चाहिए |
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