जान लें शुगर फ्री या धोखा खा रहे हैं-
चीनी के विकल्प के रूप में शुगर फ्री खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन लाखों लोगों द्वारा किया जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जनरल में प्रकाशित शोध के अनुसारष्शुगर फ्री खाद्य और पेय पदार्थों में मिलाए जाने वाले स्वीटनर में भी चीनी के जैसे ही नुकसान होते है।
सेहत के लिए अच्छे बताए जाने वाले फूड सप्लीमेंट व ष्शुगर फ्री उत्पादों की गुणवत्ता की स्थिति अच्छी नहीं पाई जाती है सारे दावें खोखले नजर आते है क्योंकि इन सब से भी स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।
आकर्षक रूप से परोसे जाने वाले ष्शुगरफ्री उत्पादों की वैज्ञानिक स्तर पर जाँच की पुष्टि भी होती है या नहीं किसी को नहीं पता और पढ़े लिखे लोग भी इनके झांसे में आ ही जाते हैं। कई में तो सेहत से जुड़े चेतावनी संकेतक भी दिखाई नहीं देते है। गुणवत्ता और पौष्टिकता के दावें भी झूठे साबित हो रहे हैं।
डायबिटिक केयर के नाम पर जूस और हैल्थ सप्लीमेंट के दामों पर चर्चा की जाएं तो बात अचम्भित कर देने वाली है कि वास्तविक खरीद से 17 से 20 गुना कीमत इन पर लिखी होती है। कुछ ही प्रतिशत 5 से 10 प्रतिशत तक फल व सब्जियों का रस होता है बाकी में पानी, फ्लेवर और फूड कलर मिलाकर आकर्षक पैक बनाकर बेच दिए जाते हैं। यही स्थिति पाउडर के रूप में मिलने वाले फूड सप्लीमेंटस् की भी है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार ऐसे कारोबार वैद्य नहीं है फिर भी फल-फूल रहे हैं।

अमरीकी खाद्य जांच एजेन्सी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा डाईट्री सप्लीमेंट के खिलाफ कदम यूंही नहीं उठाए गए है क्योंकि इन में प्रतिबंधित दवाएं और अन्य नुकसानदेह पदार्थ मिले हुए पाए गए है जोकि स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी लाभकारी नहीं है। इन उत्पादों के केवल फायदे बताकर ही लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं किंतु नुकसान कभी नहीं बताए जाते हैं। स्वास्थ्य के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार डाईट्री सप्लीमेंट्स के प्रयोग के हजारों लोग आपात स्थिति में चिकित्सा के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। हृदय और खून की नलिकाओं संबंधी समस्याएं एवं परेशानियां अधिक होती है।

कैलिफोर्निया में एक हैल्थ रिपोर्ट के अनुसारवजन कम करनेवाले, यौन ष्शक्ति बढ़ाने, मांसपेशियां, शरीर और हड्डियां मजबूत बनाने वाले खाद्य पदार्थों में स्टेरॉयड की मात्रा अधिक पाई गई।
जान लें शुगर फ्री या धोखा खा रहे हैं, बिना चिकित्सीय परामर्श और निर्देश के फूड सप्लीमेंट्स का प्रयोग करना घातक भी हो सकता है।
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