मोबाइल रेडिएशन रिश्तें और स्वास्थ्य दोनों खत्म कर सकता है-
अमेरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ साइंस द्वारा 10 वर्षों तक किए गए शोध के परिणामों से ज्ञात हुआ है कि मोबाइल रेडिएशन से कैंसर होता है। चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि 2जी और 3जी फोन के रेडिएशन के प्रभाव से चूहों में कैंसर वाले ट्यूमर बनने लगे।

रेडिएशन एक दायरे में प्रभाव दिखाता है।हाथ में पकड़े रहना या जेब में रखे रहना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है।
मोबाईल का प्रयोग कम से कम सीमित रूप में करना चाहिए।
रात को सोते समय बिस्तर पर मोबाईल को सिरहाने रख कर कभी नहीं सोना चाहिए।
12 वर्ष तक के बच्चों को मोबाईल से दूर रखना चाहिए क्योंकि रेडिएशन बच्चों के लिए अधिक घातकहै।
आवश्यकता पड़ने पर ही डेटा ऑन करना चाहिए अन्यथा बंद रखना चाहिए।
स्मार्टफोन के अधिक प्रयोग से बच्चों की आंखों में सूखापन, नजर की कमजोरी व ट्यूमर जैसी समस्याएं बढ़ रही है।
स्मार्टफोन पढ़ने की आदत खत्म कर रहा है

14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का ेस्मार्टफोन के प्रयोग करने से रोकना चाहिए।
बच्चों को अधिक यौन हिंसा से पीड़ित होने का खतरा है।
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है साथ ही पढ़ाई पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पढ़ने की आदत तेजी से कम हो रही है। सोचने की क्षमता कम और कमजोर हो रही है

शराब, तंबाकू और अन्य नशे से बच्चों को दूर रखने की चेतना जगाते है उसी प्रकार मोबाईल फोन के प्रयोग पर भी लगाम कसनी चाहिए।

मोबाइल का अधिक प्रयोग वास्तव में आपसी खून के रिश्तों में भी दूरियां बढ़ाने का काम कर रहा है। मोबाइल रेडिएशन रिश्तें और स्वास्थ्य दोनों खत्म कर रहा है। मोबाइल में रमे रहने के कारण लोगों को दूर कर रहा है,
मोबाइल का प्रयोग सदुपयोग के लिए करें बिना जरूरत के इसे दूर ही रखना चाहिए।
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