चिर यौवन के लिए वज्रासन समूह के आसन करें Do Vajrasan aasan always for youthful.

चिर यौवन के लिए वज्रासन समूह के आसन करें –

चिर यौवन की चाह रखने वाले व्यक्ति वज्रासन समूह के आसन जरूर करें।

कमर व पैर दर्द, कब्ज, रीढ़ और कंधे का दर्द के निवारण के साथ ही साथ मांसपेशियों की सुदृढ़ता के लिए वज्रासन समूह के आसन लाभदायक है। वज्रासन अभ्यास से शरीर के जोड़ खुलते हैं। पाचन-तंत्र की सुदृढ़ता, यौन ऊर्जा की मजबूती के लिए वज्रासन समूह के आसन अतुलनीय है।

अनचाही चर्बी तथा वजन कम करने, मासिक स्राव व अनियमितता, रजनोवृत्ति एवं गर्भपात जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वज्रासन समूह के आसन बहुत उपयोगी है।

एकाग्रता बढ़ने के साथ रक्तचाप संतुलन व प्रजनन क्षमता बलिष्ठ होती है। इस समूह में अनेक आसन आते है। गर्भावस्था के दौरान तथा बच्चे के सुरक्षित जन्म के लिए वज्रासन समूह के आसन योग चिकित्सक की देखरेख में किए जाने चाहिए।

मासिक धर्म के दौरान व्रजासन बेझिझक किया जा सकता है। इसके प्रभाव से अण्डकोष की बढ़ोतरी, कमर दर्द, जननांग प्रदेश में खिंचाव व जलन कम होती है। पेप्टिक अल्सर, पाचन व गैसादि समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

आसनों का राजा वज्रासन है। सभी आसनों में यही एक आसन है जिसे भोजन के कुछ ही देर बाद किया जा सकता है। इसके अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होकर जठराग्नि से अच्छे सा्रव निकलने लगते हैं। स्मरण रहे कि जोड़ो, एड़ी व घुटनों में अत्यधिक पीड़ा व जटिलता से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन समूह का अभ्यास न करें।

दैनिक रूप से 10 मिनट वज्रासन के अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है और घुटनों व पैरों का सामान्य दर्द ठीक होता है।

याद रखें वज्रासन समूह में अनेक आसान शामिल होते हैं। चिर यौवन के लिए वज्रासन समूह के आसन करें, वज्रासन समूह के आसान बहुत सारी बिमारियों को दूर करता हैं। तंदुरुस्ती और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आसनों को जीवन में जरूर शामिल करना चाहियें। आसनों के साथ संतुलित जीवन शैली और आहार के प्रति संपूर्ण जागरूक रहना चाहियें।

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