जवां त्वचा का आहार – सोने और जागने का समय संतुलित व निश्चित किया जाए।
शरीर व दिमाग को गहरी निद्रा के सेवन की आदत डालें।

भरपूर पानी का सेवन (कम से कम 8 तथा अधिकतम शरीर की सामर्थ्य एवं क्षमता अनुसार) किया जाए।

भरपूर रेशेदार भोजन के साथ ही जल, वायु, अग्नि, आकाश का संतुलित मात्रा मे सेवन प्रथमतः करें जिससे त्वचा में अद्भुत ताजगी बनी रहती है।
विटामीन, प्रेाटीन, खनिज लवण का सही मात्रा में सेवन जरूर किया जाए।
विटामीन बी समूह, सी, डी तथा ई बढ़ती उम्र को थाम से लेते है।
सब कुछ प्राकृतिक ही लें कृत्रिमता से बचें।

नशीले पेय पदार्थ, कॉफी, चाय या अन्य अल्कोहोलिक पदार्थों के सेवन से बचें।
दिन के दो भोजन में फल, रस, अल्प कैलोरी तथा उबला हुआ भोजन प्रथमतः अधिक मात्रा में लें तथा इसके पश्चात् अन्य भोज्य पदार्थ लें। उबले आलू, अंकुरित मोटा अनाज, केला, फलियाँ, सुखे मेवे, पालक, गाजर, टमाटर, खीरा, आँवला, चुकंदर, नीबू, दुग्धक पदार्थ, मौसमी, संतरा, पपीता, लहसुन, खुमानी, हरी पत्तेदार सब्जियाँ भोज्य पदार्थों में अधिकतम शामिल करें जिससे कब्ज आदि की समस्या नहीं रहने से आँतें व शरीर की आंतरिक सफाई आसानी से हो पाती है।

चीनी, नमक व अन्य सफेद सामग्री का अधिक मात्रा में सेवन बंद किया जाए। कार्बोहाईड्रेट्स व वसा का प्रयोग संतुलित मात्रा में किया जाना सुंदर त्वचा के लिए जरूरी है।
अधिक ठण्डे बाजारू पेय तथा सौन्दर्य प्रसाधन त्वचा को निस्तेज कर देते है।
जवां त्वचा का आहार, खुश रहें! आनन्दित रहें! तनावग्रस्त तथा आक्रोश भरे चेहरे पर जल्दी महीन लकीरे व झुर्रिया आ जाती है इससे बचें और सदैव अपने भीतर सकारात्मक नजरिए की ऊर्जा प्रवाहित करते रहें।

रोगों से बचाव व मुक्ति हेतु दर्द व हानि रहित सरल प्राकृतिक उपचार तथा आहार विधियां त्वचा रोग के कारण और उपचार के लिए इस साईट के साथ नियमित बने रहें।
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