मानसिक तनाव व असंतुलित आहार-विहार से बढ़ता है उच्च रक्तचाप रोग –
मनःस्थिति जन्य अधिक शारीरिक बीमारियां पनपती है इसलिए मानसिक तनाव उलझनों को सकारात्मक ढंग व सोच से निपटाए। क्रोध, लालच, भय, निर्लज्जता, ईर्ष्या, द्वेष व नकारात्मकता का दामन न थामें। स्वयं की कमजोरियां व खामियां व्यक्ति को तनाव ग्रस्तता का अभयस्त बना देती है। तनाव की बार-बार आवृत्ति से एक स्तर के बाद मानसिक तनाव हावी हो जाता है जिससे रक्त का दबाव जाने-अनजाने बढ़ जाता है और उच्च रक्तचाप संभावी हो जाता है। प्रत्येक समस्या का समाधान होता है, भय व चिंता न करें बल्कि विवेक शक्ति, शांत व विनम्रता से चिंतन करने का अभ्यास करें।

उच्च रक्तचाप से बचने के लिए सर्वप्रथम अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें जो भी कार्य करें रूचि के साथ करें। बोझ समझ कर नहीं। आलस्य के चलते शारीरिक श्रम से दूर न भागें आपके अच्छे स्वास्थ्य का राज शारीरिक सक्रियता भी है।
उच्च रक्तचाप के कारणों को दूर रखें।
विधिवत स्नान तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें इसमें कोताही न बरतें।
आठ घंटे गहरी नींद अवश्य लें। भ्रमण अच्छा माध्यम है स्वस्थ रहने का प्रातः और सांय योगासन तथा भ्रमण के लिए समय जरूर निकालें।

मस्तिष्क को कार्यों के बीच-बीच कुछ पल के लिए विश्राम दें। अधिक विचारों की तत्परता से मस्तिष्क के स्नायुओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। व्यस्तम जीवन-शैली में सर्वप्रथम कुछ समय विश्राम के लिए भी निकालें। मत भूलिए! आपकी दिन चर्या ही आपका स्वास्थ्य निर्धारित करती है।

छोटी-छोटी बातों को हवा करें दिल पर न लें। रक्त में केलोस्ट्रोल बढ़ाने वाले गलत भोज्य पदार्थों, अल्कोहल, नशा, अधिक वसा तथा मसालेदार युक्त भोजन से परहेज करें।

मानसिक तनाव व असंतुलित आहार-विहार से बढ़ता है उच्च रक्तचाप रोग | Reasons of High Blood Pressureपरिश्रमी व पुरूषार्थी बनें। दैनिक कार्य व तीनों समय का भोजन पोषक तत्त्वों से भरपूर निश्चित समय पर करें। पाचन तंत्र दुरूस्त रखें और अनावश्यक वनज बढ़ने से रोकें।

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