करेला का रस पीकर कई रोग दूर भगाएं – करेले में विटामिन और एंटी ऑक्सीडेन्ट होता है और इसके बीजों में पॉलीपेप्टाईड पी होता है जोकि इंसुलिन के साथ मिलकर शुगर का स्तर कम करता है। सप्ताह में एक बार तो अवश्य ही करेला का रस का सेवन करना चाहिए तथा रोग अनुसार रस लेने की समयावधि घटाई या बढ़ाई जा सकती है।

खून में शर्करा का स्तर कम करने के लिए सप्ताह में तीन दिन नियमित रूप से सुबह खाली पेट करेले का रस लेना चाहिए।
करेला प्राकृतिक रूप से खून साफ करता है। फ्री रेडिकल्स से हुए नुकसान से बचाता है।

करेला का सेवन भूख बढ़ाता है। करेला का एक कप जूस रोज पीने से पाचन शक्ति पुष्ट होती है और खुल कर भूख लगती है।
करेला अग्नाश्यिक कैंसर से बचाव करता है क्योंकि करेले में मौजूद एंटी कैंसर तत्त्व कोशिकाओं में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देता है जिससे कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं निःशक्त होकर मरने लगती है और नष्ट हो जाती है।

सोरायसिस के लक्षण पता चलते ही करेला का एक कप रस में एक नीबू का रस मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करने से छः महीने के भीतर सोरायसिस के लक्षण दूर हो जाते हैं।
करेला का रस रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

करेला यकृत को स्वस्थ रखता है। यकृत में जमा विषैले पदार्थों को करेला का रस बाहर निकाल फैंकता है। करेला का रस लीवर को पोषण प्रदान कर मजबूत बनाता है और यकृत रोगों जैसेकि पीलिया आदि से दूर रखता है।
करेला का रस पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। अपच व मंदाग्नि आदि को खत्म करता है। करेला का रस जठराग्नि को उत्तेजित कर अच्छे रस स्रावित करता है जिससे पाचन शक्ति बढ़ती है।
आँखों के रोग दूर करने के लिए करेले का रस रोज एक कप की मात्रा में पीना चाहिए। करेले में बीटा कैरोटिन और विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहने के कारण आँखों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। करेला एंटी ऑक्सीडेंट है इसमें विटामीन सी भी उपलब्ध रहता है जोकि आँखों के लिए हितकारी है।

करेला का रस पीएं, करेला का रस चेहरे की चमक बढ़ाकर त्वचा को कांतिमय बनाता है। करेला का रस पीकर कई रोग दूर भगाएं
Leave a Reply